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जय श्री राम न कहने पर जिंदा जलाया, पुलिस बोली- विरोधाभासी बयान दे रहा पीड़ित

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चंदौली में एक युवक संदिग्ध परिस्थितियों में जल गया. जलने वाला युवक एक विशेष संप्रदाय (मुस्लिम) से संबंधित था. लिहाजा पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. शुरुआती दौर में कहा गया कि कुछ लोगों (यादव बिरादरी) ने मिलकर इस युवक को जलाकर मारने की कोशिश की है.

आनन-फानन में कई थानों की फोर्स घटनास्थल पर भेज दी गई. पुलिस के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल की जांच पड़ताल के दौरान यह पाया गया कि पीड़ित युवक कई तरह के बयान दे रहा है. पुलिस ने जब पूरे मामले की गहनता से छानबीन की तो पीड़ित युवक की कहानी गलत साबित हुई.

युवक बोला- कुछ लोगों ने केरोसिन तेज डालकर जलाने की कोशिश की
दरअसल चंदौली जिले के सैयदराजा का रहने वाला खालिद (16 साल) आज भोर में घर से बाहर निकला था. कुछ ही देर बाद वह जली हुई हालत में वापस घर लौटा. युवक द्वारा बताया गया कि उसे कुछ लोगो ने केरोसिन तेल डालकर जलाने की कोशिश की है. तत्काल पुलिस को सूचना दी गई. मौके पर पहुची पुलिस ने युवक को जिला अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया. इसके बाद युवक को वाराणसी के लिए रेफर कर दिया गया.

परिजनों की माने तो रोज की भांति आज सुबह शौच के लिए युवक गया था. लेकिन आधे घंटे से ज्यादा बीतने के बाद तक घर नहीं पहुंचा, तो परिजन उसे देखने के लिए निकले. तभी अचानक पीड़ित युवक खालिद अंसारी भागते हुए घर पहुंचा. जिससे परिजनों में कोहराम मच गया. परिजनों ने आननफानन में पुलिस को सूचना दी.

अलग-अलग घटना स्थल का जिक्र कर रहा युवक
मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया. जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे वाराणसी रेफर कर दिया है. घायल युवक लगातार अपना बयान बदल रहा है. साथ ही अलग-अलग घटनास्थल का जिक्र भी कर रहा है. युवक नेशनल इंटर कालेज में कक्षा 9 का छात्र है. परिजन मामले में जांच की मांग कर रहे है.


स्थानीय ने बताई अलग कहानी
वहीं घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस छानबीन में जुटी हुई है. जले युवक के बदलते बयानों के आधार पर चार घंटे तक क्राइम सीन खोजने जुटी पुलिस को स्थानीय अखबार विक्रेता ने पहली लीड दी. अखबार विक्रेता के अनुसार, उसने युवक को सुबह उसके घर के सामने मजार से आग लगाकर भागते हुए जाते देखा था.

पुलिस को मौके से नहीं मिले एविडेन्स
पुलिस जब मौके पर पहुंची तो मजार के बाहर युवक के कपड़े और व्यवस्थित रूप में उतारी गई चप्पल भी मिली है. मौके पर किसी तरह के विरोध के एविडेन्स भी नहीं मिले हैं. शुरुआती छानबीन के अनुसार युवक ने जिस घटना स्थल के बारे में बताया है, उसके एकदम उल्टी दिशा में चार किलोमीटर दूर एक मजार के पास से उसके कपड़े मिले हैं.

गहनता से जांच में जुटी पुलिस
अब पुलिस इस मामले की तह तक पहुचने के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम को बुलाकर फॉरेंसिक सबूतों को बटोर रही है. पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया यह मामला अंधविश्वास या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश नजर आ रही है. दोनों बिंदु पर पुलिस गहनता से जांच कर रही है.

मामला संदिग्ध, मॉब लिंचिंग की घटना नहीं
पुलिस के अनुसार अभी तक कि जांच में पूरा मामला संदिग्ध लग रहा है और मॉब लिंचिंग जैसी किसी भी घटना से पुलिस ने सिरे से खारिज कर दिया है. अब पुलिस इलेक्ट्रॉनिक और फॉरेंसिक स्केचों को जोड़कर इस पहेली को सुलझाने में लगी है कि इस वारदात के पीछे का असली कारण क्या है?