Home क्षेत्रीय खबरें / अन्य खबरें मेन रोड पर गाय को ‘ऑक्सीटोसिन इन्जेक्शन’ दे रहा था , 100...

मेन रोड पर गाय को ‘ऑक्सीटोसिन इन्जेक्शन’ दे रहा था , 100 लीटर दूध सड़क पर बहाया..

All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0004
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0001
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0002
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0003

 मेन सड़क पर गाय को ऑक्सीटोसिन इन्जेक्शन लगाकर दूध बेचने का कारोबार किया जा रहा है. इस तरह का खुलासा शनिवार को उस समय हुआ जब खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने रुकनपुरा मनोकामना मंदिर से सटे इलाके में छापेमारी की.मौके पर टीम ने एक युवक को पकड़ा जिसके हाथ में ऑक्सीटोसिन का इन्जेक्शन बरामद किया गया. खास बात तो यह है कि जिस युवक को पकड़ा गया वह रोड किनारे खुले में रहने वाली गाय को इन्जेक्शन देकर दूध निकालने का काम करता है.

100 लीटर दूध सड़क पर बहाया

खाद्य सुरक्षा अधिकारी अजय कुमार ने कहा कि ऑक्सीटोसिन इन्जेक्शन पूरी तरह से प्रतिबंध है. बावजूद पकड़े गये युवक गाय को लगा रहा था. गाय से अधिक दूध निकालने के लिए इस इन्जेक्शन का इस्तेमाल किया जाता है. इसलिए भारत सरकार ने इसे प्रतिबंध कर दिया है. क्योंकि इससे निकाले गये दूध स्वास्थ्य के लिए हानिकारक करता है.

अजय कुमार ने कहा कि मौके पर 15 गाय थी जिससे 100 लीटर दूध इंजेक्शन लगा कर निकाला गया था. इसको देखते हुए सभी दूध को सड़क किनारे बहा दिया गया. वहीं पुलिस कार्रवाई करने से पहले युवक फरार हो गया. अजय कुमार ने कहा कि इस तरह का कारोबार तेजी से किया जा रहा है इसको देखते हुए चेतावनी जारी की गयी है.

अधिक दूध निकालने के लिए इस इंजेक्शन का इस्तेमाल किया जाता है. इसलिए सरकार ने प्रतिबंधित कर दिया है.

गंदगी के बीच बने रहे थे रसगुल्ले, निकल रहे थे कीड़े

जिन मिठाइयों को स्वाद से खाया जाता है, उसे इतनी गंदगी के बीच बनाया जाता है, इसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती थी. फर्श और एस्बेस्टेस की छत पर एक तरफ बड़े बड़े कड़ाह में दूध उबल रहा था, दूसरी तरफ खाद्य सामग्री के साथ कीड़े निकल रहे थे और बने हुए रसगुल्ले प्लास्टिक के बर्तनों में रखे थे.

रसगुल्ले से दुर्गंध आ रहे थे. इस तरह का नजारा खाद्य सुरक्षा विभाग ने पटना गया रोड स्थित पभेड़ी मोड़ किनारे रसगुल्ले के कारखाने में देखी. शनिवार को छापेमारी करने पहुंची टीम ने कारखाने की हालत नारकीय दिखी.

ऐसे में फैक्टरी संचालक को फटकार लगायी गयी. वहीं जानकारी देते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारी अजय कुमार ने बताया कि फैक्टरी में मानक को ताक पर रख कर रसगुल्ले बनाएं जा रहे थे.

नकली व मिलावटी रसगुल्ले के सदेह होने पर सभी खाद्य सामग्री व रसगुल्ले के नमूने जांच के लिए लिये गये. सैंपल प्रयोगशाला में भेज दिया गया. अजय कुमार ने कहा कि राखी के त्योहार में मिठाइयों की बिक्री बढ़ जाती है. इसको देखते हुए फैक्टरी में रसगुल्ले बनाएं जा रहे थे. वहीं जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी.