Home समाचार 100वें स्वतंत्रता दिवस पर कश्मीर भारत में नहीं होगा : वायको...

100वें स्वतंत्रता दिवस पर कश्मीर भारत में नहीं होगा : वायको बोले

All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0004
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0001
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0002
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0003
IMG-20240704-WA0019
IMG-20220701-WA0004
WhatsApp-Image-2022-08-01-at-12.15.40-PM
1658178730682
WhatsApp-Image-2024-08-18-at-1.51.50-PM

मरुमलारची द्रविड़ मुनेत्र कषगम (MDMK) चीफ और राज्यसभा सांसद वायको ने एक बार फिर कश्मीर मुद्दे पर विवादित बयान दिया है. उन्होंने कहा कि जब भारत अपना 100वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा तो कश्मीर भारत के साथ नहीं होगा. जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के केंद्र सरकार के कदम का संसद में वायको ने विरोध किया था और इसे लोकतंत्र के खिलाफ बताया था. तिरुवन्नमलई जिले में पार्टी के एक समारोह में वायको ने कहा कि कश्मीर भारत का हिस्सा नहीं रहेगा. एक महीने पहले चेन्नई की एक अदालत ने श्रीलंका के आतंकी संगठन लिट्टे के समर्थन में बयान देने पर वायको को देशद्रोह के एक मामले में दोषी ठहराया था. अदालत ने बाद में सजा पर रोक लगा दी.

5 अगस्त को जब अनुच्छेद 370 हटाए जाने का संकल्प राज्यसभा में पेश किया गया था तब वायको ने इस कदम का विरोध करते हुए कहा कि यह दुख भरा दिन है और कश्मीर के लोगों से किया गया वादा तोड़ दिया गया.राज्यसभा में वायको ने कहा था, आज दुख का दिन है क्योंकि हमने अपना वादा तोड़ दिया.

जब पाकिस्तानी सेना कश्मीर में घुसी थी तब महाराजा हरि सिंह ने पंडित जवाहरलाल नेहरू से मदद मांगी थी और इंस्ट्रूमेंट ऑफ एक्सेशन पर दस्तखत किए गए.वायको ने कहा था कि कश्मीरी नेता शेख अब्दुल्ला ने भारत के साथ जाने का फैसला किया था और एक शर्त रखी कि कश्मीर व्यक्तित्व और मौलिकता से समझौता नहीं किया जाएगा.कांग्रेस पर हमला बोलते हुए वायको ने कहा था कि उन्होंने धोखा दिया है. इतने वर्षों में कांग्रेस ने लोकतंत्र की हत्या की है.

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने और राज्य को दो हिस्सों में बांटने को लेकर संसद की मुहर लग चुकी है. अब जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो अलग केंद्र शासित प्रदेश होंगे. केंद्र सरकार के इस फैसले से अप्रिय स्थिति पैदा न हो इसलिए घाटी में 35 हजार से ज्यादा सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल खुद ग्राउंड जीरो पर उतरकर स्थिति का मुआयना कर रहे हैं. हालांकि ईद के मौके पर लोग सड़कों पर उतरे लेकिन किसी तरह के विरोध-प्रदर्शन की खबर नहीं आई है.