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देशभक्ति में डूबा वाघा-अटारी बॉर्डर, लोगों ने लगाए ‘भारत माता की जय’ के नारे

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देश आज 73वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस खास मौके पर पूरे देश में कार्यक्रमों का ओयाजन किया गया है। साथ ही आज देश भाई-बहनों का पर्व रक्षा बंधन भी मना रहा है। पूरे देश में आज स्वतंत्रता की खुशियां मनाई जा रही है। भारत और पाकिस्तन की सीमा पर स्थित वाघा बॉर्डर पर स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। 

बता दें कि अटारी पंजाब के अमृतसर में स्थित हैं, जबकि वाघा लाहौर में स्थित हैं। लोग पूरे जोश उल्लास के साथ वाघा बॉर्डर पर कार्यक्रम का लुत्फ उठा रहे है। तस्वीरों में

स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम के लिए वाघा-अटारी बॉर्डर पर बुधवार रात से ही लड़ियों से सजावट की जा रही थी। यहां एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

दोनों देशों के जवानों ने सीमा पर जोश के साथ परेड किया। जवानों ने सीमा पर भारत माता की जय के नारे लगाए। जवानों ने कई तरह की कलाबाजी भी की।

स्वतंत्रता दिवस पर वाघा-अटारी बॉर्डर पर तिरंगा फहराया गया। बीएसएफ के जवानों ने सीमा पर तिरंगा फहरा कर जय हिंद के नारे लगाए। नारेबाजी में लोगों ने भी भरपूर समर्थन किया।

वाघा-अटारी बॉर्डर पर लोगों ने जोश के साथ भारत माता के नारे लगाए। बीएसएफ लोगों का जोश बढ़ा रही थी। लोग देश भक्ति में डूबे नजर आए। लोग जय हिंद के नारे के साथ बीएसएफ का जोश बढ़ा रहे थे। जिसके बाद सीमा पर खड़ें जवान तरह-तरह की कलाबाजियां कर रहे थे।

भारतीय जवानों ने पाकिस्तानी जवानों की तरफ देखकर शौर्य का प्रदर्शन किया। भारतीय जवानों ने भारत माता की जय के नारे लगाए।

‘बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी’, जिसका गवाह बनने के लिए दोनों देशों के हजारों लोग हर रोज जुटते हैं। यह वाघा बार्डर पर हर शाम दोनों देशों के राष्ट्रीय ध्वज उतारने का अवसर है। इसकी शुरुआत 1959 में हुई। उसके बाद से यह बिना रुके जारी है। हां, 1965 और 1971 में भारत-पाक युद्ध के दौरान इसका आयोजन नहीं किया गया। बंटवारे के बाद से सालों से तनावपूर्ण माहौल के बीच इस दिखावटी दोस्ती का प्रदर्शन होता है।