Home समाचार अगर आपको अपनी पुश्तैनी जमीन की चिंता है तो अब भूल जाएं

अगर आपको अपनी पुश्तैनी जमीन की चिंता है तो अब भूल जाएं

IMG-20251011-WA0045
IMG-20250614-WA0035
IMG-20250614-WA0034
IMG-20250614-WA0033
IMG-20250614-WA0032
IMG-20250614-WA0030
IMG-20250614-WA0031
IMG-20250614-WA0029
IMG-20250614-WA0028

IMG-20240704-WA0019
IMG-20220701-WA0004
WhatsApp-Image-2022-08-01-at-12.15.40-PM
1658178730682
WhatsApp-Image-2024-08-18-at-1.51.50-PM

अगर आप नौकरी-पेशा (Service Class) आदमी हैं और आपको अपनी पुश्तैनी जमीन (Ancestral Lands) की चिंता सता रही है तो अब आप खुश हो जाइए. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की योगी सरकार ने आपकी यह चिंता दूर कर दी है. अब आप दिल्ली (Delhi), पंजाब (Punjab) या फिर मुंबई (Mumbai) में बैठे-बैठे अपनी जमीन का मालिकाना हक (Owner’s Right) के साथ-साथ और जानकारी (Information) हासिल कर सकते हैं. अब आपको अपनी जमीन का नक्शा, जमीन के कागज सभी ऑनलाइन (Online) ही नजर आ जाएंगे. यहां तक की आप अपनी जमीन के कागजों का प्रिंट आउट (Print Out) भी निकाल सकते हैं.

यूपी सरकार की वेबसाइट के जरिए जानकारी हासिल करें
बीते दिनों ही यूपी सरकार ने एक वेबसाइट शुरू की है, जिसमें सभी जिलों की जमीन के दस्तावेजों का डिजिटलीकरण कर दिया गया है. यूपी सरकार की शुरू की गई इस वेबसाइट UPBHUNAKSHA.GOV.IN पर क्लिक कर आप अपनी जमीन के बारे में पता कर सकते हैं. इसके लिए आपको इस वेबसाइट पर जाना पड़ेगा. जैसे ही वेबसाइट खुलेगी बायीं तरफ राज्य, जिला, तहसील और गांव का नाम लिखा आएगा.

ठीक बायीं तरफ ही लैंड टाइप का ऑप्शन आएगा. इस ऑप्शन में देख पाएंगे कि जो जमीन आप देख रहे हैं वह किस टाइप की है. क्या वह जमीन कृषि योग्य है या बंजर है. आपकी जमीन अभी किसके अधिकार में है. ये सारी जानकारी आपको इस वेबसाइट के जरिए मिल जाएगी.

आप देख सकते हैं कि जमीन का क्षेत्रफल, खातेदार का नाम क्लिक करते ही आ जाएगा. अब यूपी में खेती की जमीन से जुड़ा कुछ काम कराने के लिए राजस्व विभाग का चक्कर नहीं काटना पड़ेगा. लोगों को अक्सर खसरा-खतौनी की जरूरत पड़ती है. बात चाहे जमीन की रजिस्ट्री कराने की हो, किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने की हो या किसी अन्य सरकारी योजना का फायदा उठाने की, हर काम के लिए खसरा-खतौनी काम आते हैं.

कुछ वक्त पहले तक इन कागजातों से जुड़ी जानकारी पाने के लिए लोगों को तहसील या फिर पटवारी के पास जाना पड़ता था. इसमें समय और पैसा दोनों खर्च होते थे. अब तकनीक की मदद से ये काम आसान हो गया है. अब इन कागजातों को आसानी से कम्प्यूटर पर देखकर आप अपना समय और पैसा दोनों बचा सकते हैं.

कुल मिलाकर अब किसी भूखंड का नक्शा लेने के लिए अब आम आदमी, किसानों और बाहर नौकरी कर रहे लोगों को तहसील के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे. यूपी शासन के निर्देश पर अब हर जिले के सभी तहसीलों में लैंड रिकॉर्ड ऑनलाइन कर दिया गया है.