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बेटी की हत्या की आरोपी महिला जिसके बयान से चिदंबरम जेल के करीब..

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दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया. इसके बाद उन पर गिरफ्तारी और जेल जाने का खतरा मंडराने लगा है. चिदंबरम पर INX मीडिया केस में भ्रष्टाचार के आरोप हैं. INX मीडिया कंपनी का मालिकाना हक एन्टरप्रेन्योर पीटर मुखर्जी और उनकी पत्नी इंद्राणी मुखर्जी के पास था. इंद्राणी कंपनी में सीईओ भी थी. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इंद्राणी के बयान ने चिदंबरम के खिलाफ केस मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई.

बता दें कि इंद्राणी मुखर्जी और उनके पति पीटर मुखर्जी, शीना बोरा (इंद्राणी और उनके पूर्व पति संजीव खन्ना की बेटी) की हत्या के मामले में मुंबई जेल में बंद हैं. 2012 में हुई हत्या के मामले में पुलिस ने 2015 में उन्हें गिरफ्तार किया था. शीना बोरा मर्डर केस काफी चर्चा में रहा था.
चिदंबरम के खिलाफ मुकदमे में सीबीआई ने इंद्राणी के बयान को आधार बनाया. इंद्राणी ने कहा था कि पी चिदंबरम से उनकी मुलाकात के बाद 2008 में आईएनएक्स मीडिया को लाभदायक डील मिली थी. तब इंद्राणी फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड की मंजूरी लेने की कोशिश कर रही थी.

असम के एक परिवार से निकलकर मुंबई में मीडिया कंपनी चलाने वाली इंद्राणी एक वक्त में चर्चित हस्तियों में शुमार हुआ करती थी. वॉल स्ट्रीट जर्नल ने 2008 में उन्हें दुनिया की 50 प्रभावशाली महिलाओं में भी शामिल किया था. 

लेकिन इससे पहले इंद्राणी कोलकाता में आईएनएक्स सर्विसेज नाम की एग्जीक्यूटिव सर्च कंपनी चलाती थी. कंपनी में तब महज 10 लोग काम करते थे. 2002 में इंद्राणी और पीटर ने शादी की. पीटर स्टार इंडिया के सीईओ भी रह चुके हैं. वहीं, जेल में लंबा वक्त बिताने के बाद 2018 में दोनों ने तलाक के लिए कोर्ट में याचिका दायर की थी.

पूर्व सीईओ इंद्राणी मुखर्जी ने दिल्ली की एक अदालत से INX मीडिया भ्रष्टाचार मामले में सरकारी गवाह (अप्रवूर) बनने के लिए याचिका दायर की थी और उन्हें इसकी अनुमति भी मिल गई थी. तब कोर्ट में सरकारी एजेंसियों ने भी मुखर्जी की याचिका का समर्थन किया था.