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पढ़ें किसान की बेटी की सक्सेस स्टोरी, राजस्थान में फील्ड पोस्टिंग से पहले ही फेमस हुईं IPS ऋचा तोमर…

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जयपुर। ऋचा तोमर…। यह नाम है ​किसान की एक कामयाब बेटी का। ढाई साल के बेटे की मां का और इंडिया की ऑल राउंड महिला आईपीएस अधिकारी का (प्रशिक्षु)। आईपीएस अधिकारी फील्ड में पोस्टिंग के बाद अपने काम करने के तरीके को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहते हैं, मगर ऋचा तोमर तो प्रशिक्षण के दौरान ही देशभर में छा गई हैं।

हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी से शनिवार को पास आउट 92 आईपीएस और 11 आईएफस (प्रशिक्षु) में से ऋचा तोमर को सर्वश्रेष्ठ ऑल राउंड लेडी आईपीएस चुना गया है। पासिंग आउट परेड में बतौर मुख्य अतिथि गृहमंत्री अमित शाह ने ऋचा तोमर 1973 बैच आईपीएस ऑफिसर की ट्रॉफी प्रदान की। इन्हें राजस्थान कैडर मिला है। अब जल्द ही ये राजस्थान में तैनात की जाएंगी।

ऋचा तोमर 24 अगस्त को आईपीएस बन गई हैं। ये उत्तरप्रदेश के बागपत के किसान राजेन्द्र पाल सिंह की बेटी हैं। परिवार में इनके अलावा पांच बहनें और एक छोटा भाई है। ऋचा तोमर का साल 2017 की यूपीएसी परीक्षा में चयन हुआ था। इनके ढाई साल का बेटा शिवांश है। पति रजनीश दिल्ली पुलिस में एसीपी हैं।

मीडिया से बातचीत में ऋचा तोमर ने कहा कि भारतीय पुलिस सेवा ज्वाइन करने के बाद उनका पहला काम महिलाओं से जुड़े अपराधों को खत्म करना होगा। इन्होंने अपनी पूरी पढ़ाई बागपत शहर से की है। माइक्रोबायोलोजी में एमएससी किया है। आईएमस यूनिवर्सिटी से बीएससी टॉपर रह चुकी हैं। साथ ही नेट, जेआरएफ और पीएचडी कर चुकी हैं।

ऋचा तोमर का एक बच्चे की मां से आईपीएस बनने का सफर चुनौतिपूर्ण रहा है। भारतीय पुलिस सेवा में जब इनका चयन हुआ तब बेटा शिवांश एक साल का था। वो सीजेरियन डिलिवरी से पैदा हुआ था। ऐसे में ऋचा के सामने प्रशिक्षण के दौरान शारीरीक चुनौतियां भी थी। खुद ऋचा बताती हैं कि आपको अकादमी में शारीरीक और अकादमिक तौर पर सक्षम होना जरूरी है। जब आप अपने लक्ष्य को समर्पित होते हैं, तो उसे हासिल कर लेते हैं।

गौस आलम सर्वश्रेष्ठ ऑल राउंड प्रशिक्षु

ऋचा तोमर ने जहां महिला वर्ग में बाजी मारी है, वहीं दिल्ली के गौस आलम को सर्वश्रेष्ठ ऑल राउंड प्रशिक्षु चुना गया है। इन्हें सर्वश्रेष्ठ ऑल राउंड प्रशिक्षु होने के नाते प्रधानमंत्री का बैटन और गृह मंत्रालय का रिवॉल्वर प्रदान किया गया है। पढ़ाई के लिए आलम को मेहता कप भी मिला और अन्य विषयों में अच्छी जानकारी होने के नाते उन्हें बीएसएफ ट्रॉफी भी प्रदान की गई। गौस आलम को तेलंगाना कैडर सौंपा गया है। आईआईटी बॉम्बे से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में अपनी पढ़ाई पूरी की है।