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छत्तीसगढ़ के ब्रिगेडियर सुधीर ने फ्रांस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का किया स्वागत

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शुक्रवार को जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेश यात्रा में पेरिस पहुंचे तो विमानतल पर छत्तीसगढ़ के ब्रिगेडियर सुधीर मिश्रा ने उनकी अगुवानी की। ब्रिगेडियर सुधीर फ्रांस में भारतीय दूतावास में पदस्थ हैं। गर्म जोशी से स्वागत को देखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे हिंदी में बात की। पूछा आप कहां से हैं। ब्रिगेडियर ने बताया- छत्तीसगढ़ राज्य के दुर्ग जिले के पाटन से हैं। प्रधानमंत्री ने उन्हें बधाई दी।

सुधीर ने कहा कि ऐसा अवसर कम ही आता है, जब अपने देश के प्रधानमंत्री की अगुवानी करने को मौका मिले। पहला मौका था जब अपने देश के प्रधानमंत्री का स्वागत करने का अवसर मिला। यह मेरे लिए गर्व की बात है। 

शुरू से पढ़ाई में होनहार 

पाटन के ग्राम धुमा के रहने वाले सुधीर मिश्रा का जन्म सितंबर 1968 में हुआ। उनके पिता अश्वनी मिश्रा मर्रा स्कूल में शिक्षक थे। इसलिए उनकी प्राथमिक शिक्षा कक्षा पहली से लेकर तीसरी तक प्राथमिक शाला मर्रा में हुई और फिर चौथी, पांचवीं और छटवीं उन्होंने पाटन से पढ़ाई की। कक्षा छठवीं में 1979 में सुधीर का चयन सैनिक स्कूल रीवा में हो गया।

12वीं उत्तीर्ण करते ही उनका चयन 17 साल की उम्र में नेशनल डिफेंस एकेडमी (एनडीए) के लिए हुआ। तीन साल तक एनडीए में रहे। इसके बाद मद्रास सैनिक विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त की। पढ़ाई पूरी होने के बाद आर्मी में सेकंड लेफ्टिनेंट की परीक्षा दी, जिसमें सफल हो गए और वे जम्मू में पदस्थ हुए। मेजर, कर्नल के बाद ब्रिगेडियर के रूप में वे गत एक वर्ष से फ्रांस स्थित भारतीय दूतावास में तीन वर्ष के लिए पदस्थ हैं। 

स्वीमिंग थी पसंद 

सुधीर के चचेरे भाई शैलेष मिश्रा ने बताया कि सुधीर को किताबें पढ़ने के साथ स्वीमिंग का शौक था। स्कूल की पढ़ाई के दौरान जब वे अपने गांव धुमा आते थे तब तालाब में तैरा करते थे। पलक झपकते ही वे तालाब पार कर जाते। 

पिता चाहते थे बेटा करे देश सेवा

सुधीर सामान्य परिवार से हैं। उनके पिता शिक्षक अश्वनी मिश्रा का सपना था कि उनका बेटा सेना में रहकर देश सेवा करें। सुधीर की एक बहन भी है। पिता के सपने को सुधीर ने पूरा कर दिखाया। सुधीर की दो बेटियां हैं, जो उनके साथ रह कर उच्च शिक्षा की पढ़ाई कर रही हैं।