Home छत्तीसगढ़ छेड़छाड़ की रिपोर्ट लिखाने पर महिला को समाज से किया बहिष्कृत…

छेड़छाड़ की रिपोर्ट लिखाने पर महिला को समाज से किया बहिष्कृत…

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छत्तीसगढ़ धमधा (दुर्ग जिला) थाना क्षेत्र के ग्राम पेंड्रावन की एक महिला ने अपने ही समाज के एक व्यक्ति के खिलाफ छेड़खानी की रिपोर्ट दर्ज कराई। जिस पर आरोपित गिरफ्तार हुआ और जमानत पर छूटने के बाद वो पीड़िता पर केस वापस लेने के लिए दबाव बनाने लगा।

पीड़िता ने जब उसकी बात नहीं मानी तो आरोपित ने समाज के ठेकेदारों से मिलकर महिला को बहिष्कृत करा दिया। न्याय पाने के लिए महिला ने राज्य महिला आयोग में शिकायत की। इसकी जांच के बाद पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है।

धमधा ब्लॉक के ग्राम पेंड्रावन निवासी महिला की शिकायत पर धमधा पुलिस ने छेड़खानी करने वाले आरोपित बुधारू सिन्हा और सिन्हा समाज के दो पदाधिकारियों दशरथ सिन्हा व प्रकाश सिन्हा के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। पीड़िता ने राज्य महिला आयोग से 30 मार्च 2019 को इस संबंध में शिकायत की थी।

इसकी जांच के बाद पुलिस ने अपराध दर्ज किया है। पीड़िता ने शिकायत में बताया कि एक अप्रैल 2011 को वह खेत में काम कर रही थी। इसी दौरान बुधारू सिन्हा ने उससे छेड़छाड़ की। पीड़िता ने उसी दिन धमधा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिस पर पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार किया और कोर्ट में पेश करने के बाद वहां से जेल भेज दिया था।

आरोपित बुधारू जमानत पर रिहा हुआ और उसके बाद पीड़िता पर शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाने लगा। बात नहीं मानने पर उसके साथ मारपीट शुरू कर दी गई। फिर बुधारू ने केस को रफादफा करवाने के लिए समाज की मदद ली।

इस पर समाज के पदाधिकारी प्रकाश सिन्हा व दशरथ सिन्हा ने बुधारू की तरफदारी करते हुए महिला पर ही दबाव बनाया। उनसे भी इन्कार कर देने पर उसे समाज से बहिष्कृत करने का फैसला सुना दिया। साथ ही यह भी फरमान सुनाया कि यदि समाज का कोई भी व्यक्ति महिला से बात करेगा तो उसे अर्थदंड देना होगा। अर्थदंड न देने पर उसे भी समाज से बाहर कर दिया जाएगा।

फैसले के बाद अपनों ने भी छोड़ दिया साथ

पीड़िता ने बताया कि सामाजिक बहिष्कार के बाद ससुराल के साथ ही मायके वालों ने भी उससे बातचीत बंद कर दिया। बच्चों को पढ़ाई में दिक्कत आने लगी। जीवनयापन के लिए कोई काम नहीं दे रहा है। इससे तंग आकर राज्य महिला आयोग का दरवाजा खटखटाया।