Home क्षेत्रीय खबरें / अन्य खबरें इस शख्स ने 300 एकड़ की जमीन को दिए अपने 18 साल,...

इस शख्स ने 300 एकड़ की जमीन को दिए अपने 18 साल, सांप जैसे जंगली जानवरों के बीच करता है इसकी रक्षा

All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0004
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0001
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0002
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0003
IMG-20240704-WA0019
IMG-20220701-WA0004
WhatsApp-Image-2022-08-01-at-12.15.40-PM
1658178730682
WhatsApp-Image-2024-08-18-at-1.51.50-PM

बड़े-बड़े घर, पक्के मकान, कारों से निकलने वाला धुआं आदि हमारे आस-पास के पर्यावरण को खराब कर रहे हैं। हर जिले, शहर, राज्य में ये परेशानी देखने को मिल रही हैं। ऐसे में अगर आपको पता चले एक ऐसे शख्स के बारे में जिसने अपना पूरा जीवन जंगल बनाने में लगा दिया तो कैसा लगेगा? जी हैं जंगल बनाने में… मणिपुर के एक व्यक्ति ने नौकरी छोड़ दी और पर्यावरण के लिए अपने जीवन के 18 साल समर्पित कर दिए। उन्होंने 300 एकड़ के जंगल में काम किया और वनक्षेत्र में पौधों की 250 से अधिक प्रजातियां और बांस की 25 प्रजातियों के साथ अपने जंगल को एक अलग मुकाम तक पहुंचाया। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने बताया कि इस जंगल में बड़ी मात्रा में विभिन्न प्रकार के पक्षी, सांप और जंगली जानवर रहते हैं। उनके बीच में इस जंगल की रक्षा करना एक बड़ी बात है।

मोइरंगथेम लोहिया (जिन्होंने यह जंगल तैयार किया है) ने कहा कि उन्हें बचपन से ही विशाल वृक्ष और जंगल उन्हें मोहित करते थे। साथ ही उन्होंने य भी बताया कि जब वो पढ़ाई करके अपने घर पहुंते तो उनके घर के आस-पास एक बड़ा जंगल तबाह हो चुका था जिसके बाद उनका मन बहुत दुखी हुआ और तभी उनके मन में ख्याल आया कि वो पर्यावरण के लिए कुथ करेंगे। 

उन्होंने कहा कि जंगल, जिसे अब पुनीशिलोक वन कहा जाता है, 250 पौधों की प्रजातियों का घर है और बांस की 25 प्रजातियां यहां उगाई जाती हैं। उन्होंने कहा, “लोगों को पेड़ काटने के नुकसान को समझाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। कुछ लोग अलग-अलग प्रजातियों के शिकार के लिए भी आते हैं। लेकिन शुक्र है कि यह सब समय के साथ हल हो गया।”