Home छत्तीसगढ़ माणिक मेहता ने कहा- मिक्की की मौत सामान्य नहीं, हत्या की गई

माणिक मेहता ने कहा- मिक्की की मौत सामान्य नहीं, हत्या की गई

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निलंबित डीजी मुकेश गुप्ता की दूसरी पत्नी डॉ. मिक्की मेहता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के प्रकरण की जांच कर रही सिविल लाइन पुलिस के सामने मंगलवार को उसके भाई माणिक मेहता उपस्थित हुए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में अपना बयान दर्ज कराया। माणिक का कहना था कि मिक्की की मौत सामान्य नहीं थी, उसकी हत्या की गई थी। परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए शिकायत भी की थी, लेकिन जांच न करके आइपीएस मुकेश गुप्ता के दबाव में केस को दबा दिया गया। माणिक ने केस से संबंधित कई महत्तवपूर्ण दस्तावेज भी पुलिस को सौंपा हैं। अफसरों ने इसकी पुष्टि की है। अब केस से जुड़े अन्य लोगों से भी पूछताछ कर पुलिस उनका बयान दर्ज करेगी।

जानकारी के मुताबिक सात सितंबर, 2001 को सिविल लाइन क्षेत्र में डॉ.मिक्की मेहता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। उस वक्त सिविल पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर मिक्की के भाई माणिक मेहता और मां श्यामा मेहता का बयान लिया था। माणिक मेहता ने कई बार शिकायत की थी कि उनकी बहन मिक्की की मौत की दोबारा जांच होनी चाहिए। मिक्की की मौत से जुड़े साक्ष्यों से छेड़छाड़ और केस को दबाने का निलंबित डीजी मुकेश गुप्ता पर उन्होंने गंभीर आरोप भी लगाया था। लेकिन सिविल लाइन पुलिस ने मर्ग कायम कर फाइल बंद कर दी थी, जबकि मिक्की के परिजन लगातार हत्या का आरोप लगाकर जांच की मांग करते रहे परंतु कोई सुनवाई नहीं हुई। प्रदेश में कांग्रेस सरकार आने के बाद पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मिलकर मिक्की मेहता की मौत की दोबारा जांच के लिए आवेदन दिया था। इसके बाद डीजीपी ने जांच का आदेश रायपुर आइजी को दिया था। इसी क्रम में माणिक मेहता को पुलिस ने बयान दर्ज कराने बुलाया था।

डाक्टर,ड्राइवर समेत अन्य का दर्ज होगा बयान

पुलिस सूत्रों ने बताया कि मिक्की मेहता की संदिग्ध मौत के मामले में अस्पताल के डाक्टर, कर्मचारियों के अलावा ड्राइवर का बयान दर्ज किया जाएगा। सभी को नोटिस देकर तलब किया गया है। मिक्की की बेटी मुक्ता और मां श्यामा मेहता से भी केस से जुड़ी जानकारी ली जाएगी। श्यामा मेहता के दिल्ली में होने के कारण उनका बयान नहीं लिया जा सका। जांच में पुलिस यह भी तथ्य खंगालेंगी की परिजनों के आरोपों पर उस समय क्या कार्रवाई की गई और जांच के दौरान पुलिस ने क्या तथ्य एकत्र किया था।

गौरतलब है कि इससे पहले इस केस की जांच सेवानिवृत्त हो चुके डीजी जेल गिरधारी नायक ने की थी। दो महीने पहले उन्होंने जांच प्रतिवेदन गृह विभाग को सौंपा था, जिसमें निलंबित डीजी मुकेश गुप्ता को क्लीन चिट दिया गया था। रिपोर्ट में यह साफ नहीं किया गया था कि मिक्की की मौत किन परिस्थितियों में हुई थी। इसके लिए कौन जिम्मेदार है और डीजी मुकेश गुप्ता से मिक्की का क्या विवाद था? हालांकि रिपोर्ट में यह बताया गया था कि एक पत्नी के रहते हुए मुकेश गुप्ता द्वारा दूसरी शादी की गई। यह सिविल सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन है। इस आधार पर मुकेश गुप्ता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। अब नए सिरे से एक बार फिर से केस की फाइल खुलने से मुकेश गुप्ता की मुश्किले बढ़ गई है। केस की जांच कर रहे अफसरों का कहना है नए तथ्य और पुख्ता सुबूत मिलने पर एफआइआर दर्ज की जाएगी।