Home क्षेत्रीय खबरें / अन्य खबरें यहां एक ही पेड़ पर लगते हैं 40 तरह के फल, कीमत...

यहां एक ही पेड़ पर लगते हैं 40 तरह के फल, कीमत जान थम जाएंगी सांसें

IMG-20251011-WA0045
IMG-20250614-WA0035
IMG-20250614-WA0034
IMG-20250614-WA0033
IMG-20250614-WA0032
IMG-20250614-WA0030
IMG-20250614-WA0031
IMG-20250614-WA0029
IMG-20250614-WA0028

IMG-20240704-WA0019
IMG-20220701-WA0004
WhatsApp-Image-2022-08-01-at-12.15.40-PM
1658178730682
WhatsApp-Image-2024-08-18-at-1.51.50-PM

आज हम आपको एक ऐसी सच्चाई से रूबरू करवाने जा रहे हैं, जिस पर एकबारगी किसी को भी यकीन नहीं आ सकता, लेकिन यह सौ फीसदी सच है। आमतौर हम जानते हैं कि एक पेड़ पर एक ही तरह का फल लग सकता है, लेकिन दुनिया में एक जगह ऐसी भी है, जहां एक ही पेड़ पर 40 तरह के फल लगते हैं। हैरान कर देने वाला यह पौधा तैयार किया है अमेरिका में एक विजुअल आर्ट्स के प्रोफेसर ने।

इस अद्भुत पौधा ‘ट्री ऑफ 40’ नाम से मशहूर है। इसमें बेर, सतालू, खुबानी, चेरी और नेक्टराइन जैसे कई फल लगते हैं। इस अनोखे पेड़ की कीमत आपके होश उड़ाने के लिए काफी है। आपको जानकर हैरानी होगी कि ‘ट्री ऑफ 40’ की कीमत करीब 19 लाख रुपये है।

अमेरिका की सेराक्यूज यूनिवर्सिटी में विजुअल आर्ट्स के प्रोफेसर सैम वॉन ऐकेन इस अनोखे पेड़ के जनक हैं। इस पेड़ को विकसित करने के लिए उन्होंने विज्ञान का सहारा लिया है। उन्होंने इस काम की शुरुआत साल 2008 में की थी, जब उन्होंने न्यूयॉर्क राज्य कृषि प्रयोग में एक बगीचे को देखा, जिसमें 200 तरह के बेर और खुबानी के पौधे थे।

दरअसल, वो बगीचा फंड की कमी से बंद होने वाला था, जिसमें कई प्राचीन और दुर्गम पौधों की प्रजातियां भी थीं। चूंकि प्रोफेसर वॉन का जन्म खेती से संबंधित परिवार में हुआ था, इसलिए उनकी दिलचस्पी भी खेती-बाड़ी में खूब थी। उन्होंने इस बगीचे को लीज पर ले लिया और ग्राफ्टिंग तकनीक की मदद से उन्होंने ‘ट्री ऑफ 40’ जैसे अद्भुत पेड़ को उगाने में सफलता हासिल की।

ग्राफ्टिंग तकनीक के तहत पौधा तैयार करने के लिए सर्दियों में पेड़ की एक टहनी कली समेत काटकर अलग कर ली जाती है। इसके बाद इस टहनी को मुख्य पेड़ में छेद करके लगा दिया जाता है। इसके बाद जुड़े हुए स्थान पर पोषक तत्वों का लेप लगाकर सर्दी भर के लिए पट्टी बांध दी जाती है। इसके बाद टहनी धीरे-धीरे मुख्य पेड़ से जुड़ जाती है और उसमें फल-फूल आने लगते हैं।