Home समाचार 2022 में होने वाला गणतंत्र दिवस परेड नए राजपथ पर किया जा...

2022 में होने वाला गणतंत्र दिवस परेड नए राजपथ पर किया जा सकता है आयोजित

IMG-20251011-WA0045
IMG-20250614-WA0035
IMG-20250614-WA0034
IMG-20250614-WA0033
IMG-20250614-WA0032
IMG-20250614-WA0030
IMG-20250614-WA0031
IMG-20250614-WA0029
IMG-20250614-WA0028

IMG-20240704-WA0019
IMG-20220701-WA0004
WhatsApp-Image-2022-08-01-at-12.15.40-PM
1658178730682
WhatsApp-Image-2024-08-18-at-1.51.50-PM

गणतंत्र दिवस 2022 की परेड नए सिरे से तैयार किए जा रहे राजपथ पर हो सकती है। वर्तमान में गणतंत्र दिवस की परेड राष्ट्रपति भवन से होते हुए विजय चौक के रास्ते इंडिया गेट तक जाती है। इस कार्य से जुड़े अधिकारियों ने जानकारी दी है कि केंद्र ने नवंबर 2021 तक राजपथ के पुनरुद्धार को पूरा करने की योजना बनाई है। गणतंत्र दिवस की परेड हर साल 26 जनवरी को इंडिया गेट स्थित राजपथ पर आयोजित की जाती है। यह रायसीना हिल्स जहां, राष्ट्रपति भवन स्थित हैं से शुरू होकर इंडिया गेट पर खत्म होती है।

खबर के अनुसार, यह कदम एनडीए सरकार द्वारा की गई योजना की घोषणा के कुछ दिन बाद आया है, जिसमें लुटियंस दिल्ली का फिर से पुनर्निर्माण किया जाएगा। लुटियंस दिल्ली को यह नाम इसके वास्तुकार एडवर्ड लुटियन के नाम पर दिया गया।

इस मेगा परियोजना में 2022 तक एक नए संसद भवन का पुनर्निर्माण करना और 2024 तक एक एकीकृत परिसर बनाने के लिए एक दर्जन सरकारी कार्यालयों को निर्मित करना शामिल है।

आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हम फरवरी 2021 तक राजपथ क्षेत्र के पुनर्विकास का काम शुरू करेंगे। वर्तमान स्थिति को पूरी तरह से सुधारने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि आप पेरिस या वाशिंगटन डीसी जैसी अन्य राजधानियों के विस्तारों को देखिए और इसकी तुलना अपनी राजधानी से करिए आपको फर्क नजर आ जाएगा। यहां बिजली के खंभे की स्थिति और ट्रैफिक को देखिए चारों तरफ शोर-शराबा होता है।

उन्होंने आगे कहा कि दिलचस्प बात यह है कि इन स्थानों के सभी केंद्रीय स्थल तीन किलोमीटर में ही है। हमारे पास जगह है और हमें अपना आधुनिकीकरण करने की जरूरत है।

लुटियंस जोन की ऐतिहासिक वास्तुकला के साथ छेड़छाड़ नहीं किया जाएगा लुटियंस जोन की ऐतिहासिक वास्तुकला के साथ छेड़छाड़ करने की चिंताओं पर, अधिकारी ने कहा कि हम लुटियंस की बुनियादी संरचना को नहीं छूएंगे क्योंकि यह हमारी विरासत का हिस्सा है और दुनिया भर में इसका ख्याल रखा जाता है।

लेकिन हम इस जगह को और भी खूबसूरत और आधुनिक बनाएंगे। वास्तव में हम एडवर्ड लुटियन के मूल कार्यों का अध्ययन कर रहे हैं और उनके डिजाइनों को समझ रहे हैं, जो त्रुटिहीन है। अधिकारी ने कहा कि उनके अनुसार इन इमारतों में कोई विकास नहीं हुआ है।

केंद्रीय शहरी और आवास विकास मंत्री हरदीप पुरी ने गुरुवार को हिंदुस्तान टाइम्स को बताया था कि नॉर्थ ब्लॉक या साउथ ब्लॉक को नष्ट करने की कोई योजना नहीं है, हालांकि, इमारतों को आधुनिक संरचनाओं की जरूरत है।

अधिकारी ने बताया कि हम नॉर्थ ब्लॉक, साउथ ब्लॉक और राष्ट्रपति भवन के बाहरी हिस्सों को नहीं छूएंगे, लेकिन ये सभी इमारतें भूकंप रोधक नहीं हैं इसलिए हम इनका पुनर्विकास करेंगे। ब्राजील और कुआलालंपुर जैसी राजधानियों ने नई संसदों को बनाया है, हम उनसे इस मुद्दे पर सलाह ले सकते हैं।

अधिकारी ने जानकारी दी कि केंद्र द्वारा प्रस्तावित प्रस्ताव (आरपीएफ) दस्तावेज़ के अनुरोध के अनुसार राजपथ और केंद्रीय क्षेत्र के साथ मोटे तौर पर तीन से चार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पूरी तरह फिर से बनाया जाएगा। वहीं, सरकार 2021 दिल्ली मास्टर प्लान को भी बदल सकता है।