Home विदेश एक ग्राम की मछली को हुए ट्यूमर तो मालिक ने इतने रुपये...

एक ग्राम की मछली को हुए ट्यूमर तो मालिक ने इतने रुपये खर्च कर कराया ऑपरेशन

IMG-20251011-WA0045
IMG-20250614-WA0035
IMG-20250614-WA0034
IMG-20250614-WA0033
IMG-20250614-WA0032
IMG-20250614-WA0030
IMG-20250614-WA0031
IMG-20250614-WA0029
IMG-20250614-WA0028

IMG-20240704-WA0019
IMG-20220701-WA0004
WhatsApp-Image-2022-08-01-at-12.15.40-PM
1658178730682
WhatsApp-Image-2024-08-18-at-1.51.50-PM

आप ने अबतक दुनिया में तमाम दर्लभ सर्जरी के बारे में सुना होगा, लेकिन आज हम आपको जिस सर्जरी के बारे में बताने जा रहे हैं वह किसी इंसान की नहीं बल्कि एक मछली की हुई. यही नहीं ये मछली दुनिया की सबसे छोटी मछलियों में से एक है. जिसका वजन सिर्फ एक ग्राम है है. दरअसल, इंग्लैंड के ब्रिस्टस स्थित वेट्स वेटरनरी अस्पताल में डॉक्टरों ने एक ऐसी मछली की सर्जरी की जिसके पेट में ट्यूमर था. चिकित्सकों ने मछली की सर्जरी कर उसके शरीर से ट्यूमर निकाल दिया.

मछली का ऑपरेशन करने में डॉक्टरों की टीम को करीब 40 मिनट का वक्त लगा. लेकिन उसकी सर्जरी कर ट्यूमर को बाहर निकाल दिया. इसी के साथ ये मछली सर्जरी कराने वाली दुनिया की सबसे छोटी मरीज बन गई. बता दें कि जिस मछली की सर्जरी हुई वह मोली प्रजाति की गोल्ड फिश है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस छोटी मछली की कीमत महज 89 रुपये है, लेकिन इसके ऑपरेशन में लगभग 9000 रुपये खर्च हुए है.

ये कोई पहली बार नहीं है जब इस अस्पताल में किसी सरीसृपप का ऑपरेशन हुआ हो, इससे पहले यहां गिरगिट, छिपकली, सांप और मगरमच्छ जैसे जीवों की भी सर्जरी हो चुकी है. अस्पताल में काम करने वाली सोन्या माइल्स के मुताबिक, इस गोल्ड फिश के मालिक को उसके पड़ोसी ने कुछ हफ्ते पहले ही उसे तोहफे में दिया था. पहले तो सब ठीक लगा, लेकिन कुछ दिनों के बाद ही मछली के पेट के निचले हिस्से में एक गांठ बन गया. इसके बाद उसका मालिक उसे लेकर अस्पताल लेकर पहुंचा.

सोन्या माइल्स ने बताया कि पहले मछली को एक कंटेनर में डाल दिया गया. उसके बाद जब वो शांत हो गई तो उसे ऑपरेशन थियेटर में ले जाया गया. इसके बाद उसके पेट में मौजूद ट्यूमर को मुंह की नली से निकाल दिया गया. इसके बाद उसके पेट को वाटरप्रूफ पेस्ट से बंद कर दिया गया और कुछ देर के बाद उसे ऑक्सीजन युक्त पानी में डाल दिया गया. कुछ ही घंटे बाद मछली को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई.