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Fart Championship : देश में पहली बार हुई ऐसी प्रतियोगिता, लोगों की शर्म के मारे निकल गई हवा…

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आपने बहुत तरह की प्रतियोगिताएं देखी होंगी। लेकिन आज हम आपको ऐसी प्रतियोगिता के बारे में बताने जा रहे है जिसके बारे में शायद आपने पहले कभी नहीं सुना होगा।
गुजरात के सूरत में अनोखी फार्ट (पाद) मुकाबले का आयोजन किया गया। जी हां, आप माने या नहीं लेकिन ये सच है। इस मुकाबले में भाग लेने वालों को सबसे लंबी, सबसे धमाकेदार और सबसे संगीतमय फार्ट छोडऩा था।

देश में पहली बार हुए इस मुकाबले में तीन श्रेणियों में ट्रॉफियां दी जानी थी और तीनों श्रेणियों के मुकाबले का नामकरण कुछ इस तरह से किया गया था, सबसे लंबा फार्ट ट्रॉफी, सबसे धमाकेदार फार्ट ट्रॉफी और सबसे संगीतमय फार्ट ट्रॉफी। लेकिन सबसे हैरानी की बात यह रही कि ऐन मौके पर पाद मारने वालों को शर्म आ गई और मुकाबले में आखिरी में केवल तीन लोग ही इस प्रतियोगिता में उतरे और ये भी कोई कमाल नहीं दिखा पाए।

मुकाबले के मानदंडों पर खरा नहीं उतरने के कारण किसी भी ये ट्रॉफी नहीं दी जा सकी। देश में बताई जा रही अपनी तरह की यह पहली प्रतियोगिता विफल साबित हुई क्योंकि इसमें हिस्सा लेने वाले तीन प्रतियोगी फार्ट नहीं छोड़ पाए और उनकी हवा निकल गई।

केवल तीन ही जांबाज ऐसे थे जो हमेशा ही हंसी मजाक का विषय बनने वाले पाद से जुड़ी प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए शर्म छोडक़र हिम्मत दिखाते हुए आगे आए थे। आयोजक यतिन संगोई ने बताया कि वेसु क्षेत्र में स्थित एक बैंक्वेट हॉल में आयोजित इस प्रतियोगिता के लिए 60 लोगों ने सबसे लंबी, सबसे तेज और सबसे सुरीली फार्ट का प्रदर्शन करने के लिए पंजीकरण कराया था। रविवार को आयोजन स्थल पर मात्र 20 लोग ही पहुंचे।

संगोई ने बताया कि इसमें से तीन व्यक्त्ति ही अपनी शर्म और संकोच छोडक़र मंच पर आए। ये अलग बात है कि इन तीनों की ही हवा खिसक गई। इस मुकाबले को देखने के लिए 70 लोगों के साथ कुछ मीडिया चैनल वाले भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता के विजेताओं के लिए तीन ट्रॉफी रखी गई थीं लेकिन इसमें से कोई भी ट्रॉफी बांटी नहीं जा सकी।

हालांकि इस प्रतियोगिता में शामिल प्रतियोगियों को उपहार प्रदान किए गए। उन्होंने कहा, ‘प्रतियोगी मंच पर जाने को तैयार नहीं थे क्योंकि उन्हें संभवत: शर्म आ रही थी और उन्हें वहां समाचार चैनल, फोटाग्राफर और लोगों की मौजूदगी के चलते संकोच हो रहा था। हमने पाद मापने के लिए एक विशेष उपकरण बनाने के लिए एक कंपनी से भी सम्पर्क किया था।’

प्रतियोगिता के असफल होने के बावजूद संगोई ने कहा कि उनकी योजना अगली ऐसी प्रतियोगिता मुम्बई में आयोजित करने की है। उन्होंने कहा कि वहां पर चैंबर मुहैया कराये जाएंगे जिससे प्रतियोगी दर्शकों की नजर से दूर रहेंगे। उन्होंने बताया कि मंच पर पहुंचने वाले तीन प्रतियोगियों में बारडोली के सुशील जैन, पाटण के अल्केश पंड्या और सूरत के विष्णु हेदा शामिल थे।