Home जानिए नॉर्मल डिलीवरी के लिए योगासन ही एकमात्र आसान तरीका

नॉर्मल डिलीवरी के लिए योगासन ही एकमात्र आसान तरीका

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आज की बिजी लाइफस्टाइल में नॉर्मल डिलीवरी होना बहुत ही कठिन हो गया है। आज के समय में अधिकांश महिलाएं ऑपरेशन के माध्यम से ही बच्चे को जन्म दे रही है। ऐसे में आगे चलकर उनकी सेहत बहुत बिगड़ने लगती है।

अगर आप चाहते हैं कि आपकी भी नॉर्मल डिलीवरी हो तो आपके लिए योगासन ही एकमात्र आसान तरीका है। इस योगासन से डिलीवरी के दौरान आपको दर्द भी बहुत कम होगा। इसलिए ये तरीका जरूर अपनाएं.

1. पश्चिमोत्तर आसन
ये आसन महिलाओं के लिए बहुत ही फायदेमंद है। इस आसन को करने से गर्भवती महिलाओं की रीढ़ की हड्डियां बहुत मजबूत होती हैं। सिर्फ इतना ही नहीं इससे कमर दर्द भी बहुत कम होता है। इसे करने से गर्भवती महिलाओं में तनाव भी बहुत कम होता है। ऐसे करें ये आसन
इस आसन को करने के लिए अपने पैर को सीधा करके बैठ जाएं और अपने पंजों को थोड़ी सी दूरी पर ही रखें। अब गहरी सांस लें। और अपने दोनों हांथों को उठाएं और सांसे छोड़ते हुए पंजों को टच करने की कोशिश अवश्य करें। ऐसा करते वक्त 10 तक की गिनती करें और वापस से अपने पुरानी स्थिति में आ जाएं।

2. तितली आसन
इसे आसन को वे महिलाएं कर सकती हैं जिनका लगभग तीसरा महिना चल रहा है। इस आसन को करने से शरीर का लचीला होता है। इस आसन को करने से महिलाओं के यूटेरस की मांसपेशियां भी बहुत लचीली बन जाती है। क्या आप जानते हैं इस आसन को करने से शरीर का निचला हिस्सा खुल जाता है।
ऐसे करें तितली आसन
तितली आसन करने के लिए अपने दोनों पैरों को सामने की ओर मोड़कर अवश्य रखें और अपने तलवे मिला लें। यानि पैरों को नमस्ते की मुद्रा अवश्य बननी चाहिए। ऐसा करते वक्त आपकी पीठ और बाजू दोनों बिल्कुल सीधी होनी चाहिए। इसे 15 से अधिक बार न करें।

3. बद्ध कोणासन
अगर आपको चाहिए कि डिलीवरी टाइम बहुत ही ज्यादा दर्द न हो तो आप इस आसन को अवश्य कर सकते हैं। इससे प्रसव के दौरान दर्द बहुत कम होता है।
ऐसे करें कोणासन
दोनों पैरों को सामने की ओर करके बैठ जाएं। अब दोनों घुटनों को मोड़ते हुए पैरों के पास वापिस लाएं अब दोनों पैरों के लवे को आपस में मिलाएं। दोनों हांथों की उंगलियों को आपस में जोड़ लें। अब दोनों पैरों की उंगलियों को दोनों हांथों से पकड़ लें और विल्कुल सीधा बैठ रहें। बिल्कुल तितली आसन की तरह। जितना हो सके उतना अपने पैरों की पास लाने की कोशिश करें। इसे योग को करते वक्त गहरी सांसे भरें और सांस छोड़ते भी रहें। जब सांस छोड़े तो धीरे-धीरे कमर से आगे की तरफ झुकें कि रीढ़ और पीठ की मांसपेशियों में खिंचाव पूरी तरह बना रहे।