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छत्तीसगढ़ – राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का व्यक्तित्व एवं कृतित्व आज भी प्रासंगिक : श्री भूपेश बघेल

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा के आहुत विशेष सत्र में महात्मा गांधी और भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री लालबहादुर शास्त्री को उनकी जयंती पर श्रद्धासुमन अर्पित किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का व्यक्तित्व एवं कृतित्व आज भी प्रासंगिक हैं और हमेशा रहेंगे। छत्तीसगढ़ सरकार उनके आदर्शों के अनुरूप जनकल्याण के लिए कार्य कर रही है।
    मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के रास्ते पर चल रही है। हमारे किसान जो मजदूर बन रहे थे, उन्हें धान का मूल्य 2500 रूपए प्रति क्विंटल देकर समर्थ बनाने का काम किया। गाय की सेवा जैसे काम प्रारंभ किए, उन्होंने इस संदर्भ में सुराजी ग्राम योजना ‘नरवा, गरूवा घुरवा और बाड़ी विकास योजना’ का विशेष रूप से उल्लेख किया।
    मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने इस विशेष सत्र में प्रदेश में मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान, मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना, मुख्यमंत्री शहरी स्लम क्लीनिक योजना, सार्वभौम पीडीएस योजना और मुख्यमंत्री वार्ड कार्यालय योजना प्रारंभ करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि महात्मा गांधी हिंसा के विरोधी थे। छत्तीसगढ़ में नक्सल हिंसा में अनेक लोगों की मौतें हुई और बहुत से लोग बेघर हुए। उन्होंने कहा कि नक्सली हिंसा में जो प्रभावित हुए हैं, बेघर हुए हैं उनके लिए राज्य सरकार मकान बनाकर देगी। श्री बघेल ने विधानसभा के सदन में घोषणा करते हुए कहा कि आदिवासियों की सेवा में उत्कृष्ट योगदान देने वाले डॉ. प्रभुदत्त खेड़ा के नाम से एक पुरस्कार प्रारंभ किया जाएगा, जो आदिवासियों की सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले अधिकारी, जनप्रतिनिधि, संस्था और प्रतिनिधियों को दिया जाएगा।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा देश की प्रथम विधानसभा है जहां राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करने के लिए विशेष सत्र आहूत किया गया। उन्होंने कहा कि वेद और उपनिषदों के समय से ही अहिंसा की बात होती रही, तत्कालीन सामाजिक परिस्थितियों में गौतम बुद्ध और महावीर स्वामी ने भी अहिंसा की बात कही। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ऐसे महापुरुष थे जिन्होंने संतों की वाणी को अपने जीवन में अंगीकार किया। महात्मा गांधी ने अहिंसा और सत्य के रास्ते पर चलकर देश को अंग्रेजों से आजादी दिलाई, इसके पहले कहीं भी अहिंसक क्रांति नहीं हुई थी। श्री बघेल ने महात्मा गांधी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महात्मा गांधी आजादी के आंदोलन के समय भी प्रासंगिक थे, आज भी प्रासंगिक हैं और आगे भी प्रासंगिक रहेंगे। वे ऐसे महापुरुष थे, जिनके आदर्शों को उनके विरोधियों ने भी अंगीकार किया।    
    मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी के राष्ट्रवाद की व्याख्या करते हुए कहा कि उनका राष्ट्रवाद सबको साथ में लेकर चलने का राष्ट्रवाद था। उन्होंने नारी उत्थान ,नारी शिक्षा, नई तालीम शुरू की, दरिद्र नारायण की सेवा, गरीबों, बीमारों और उपेक्षितों की सेवा को अपने जीवन का लक्ष्य बनाया और उनकी सेवा में जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के मार्ग पर चलने का संकल्प विधानसभा सत्र में रखा और यह घोषणा कि नया रायपुर में गांधी भवन बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर छत्तीसगढ़ सरकार महात्मा गांधी के जनसेवा के रास्ते पर चलने, समाज में सद्भावना और समरसता बनाए रखने तथा उनके मार्ग पर चलने का संकल्प लेते हैं।