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बच्‍चे को बचाने के चक्‍कर में ‘नरक के झरने’ में बहा हाथियों का झुंड, 6 मरे, दो को बचाया गया

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इंसान हो या जानवर, अपने बच्‍चे सभी को जान से ज्‍यादा प्‍यारे होते हैं। कुछ ऐसा ही मामला थाइलैंड के खाओ याई नेशनल पार्क में सामने आया। यहां ऊंचाई से गिरे हाथी के एक बच्चे को बचाने की कोशिश में 6 अन्य हाथियों की मौत हो गई। सबसे पहले हाथियों के झुंड का एक बच्चा ऊंचाई से गिरा और फिर उसे बचाने की कोशिश में पांच अन्य हाथी भी गिर गए, इससे उन सभी की मौत हो गई। दो अन्य हाथी भी यहां पास की चट्टानों में फंस गए थे जिन्हें बाद में प्रशासन ने रस्सियों की मदद से सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया और उनकी जान बचाई। आपको बता दें कि जिस स्‍थान पर यह हादसा हुआ उसे ‘नरक का झरना’ भी कहते हैं।दोपहर करीब 3 बजे की है घटना

थाईलैंड के राष्ट्रीय उद्यान, वन्यजीवन और वन संरक्षण विभाग ने बताया कि शनिवार को स्थानीय समय के अनुसार दोपहर 3 बजे इस बाबत उन्‍हें सूचना मिली थी। विभाग को तब बताया गया कि हाथियों का एक झुंड झरने के पास से गुजरने वाली सड़क पर खड़ा है। इसके कुछ समय बाद ही तीन साल के एक हाथी का शव झरने के किनारे नजर आया। उसके आसपास पांच अन्य हाथियों के शव भी पड़े हुए थे।

जख्‍मी हाथियों की हालत नाजुक

वाइल्डलाइफ़ फ़्रेंड्स फ़ाउंडेशन थाइलैंड के संस्थापक एडविन वीक का कहना है कि इन दोनों हाथियों की हालत थोड़ी गंभीर बताई जा रही है। इस घटना में बचे हुए हाथियों की स्थिति बहुत ही भावनात्मक है। वैसे भी हाथी ऐसा जानवर है जो दुख में काफी गंभीर हो जाता है। एडविन वीक ने बताया कि बचे हुए हाथियों के सामने ठीक वैसी स्थिति है जैसे उन्होंने अपने परिवार को खो दिया हो। थाइलैंड में लगभग 7000 एशियाई हाथी हैं, जिनमें आधे से कम ही वनों में खुलकर रहते हैं।

पहले भी इस झरने से गिरकर मर चुके हैं 8 हाथी

गौरतलब है कि 1992 में भी इसी झरने में गिरकर आठ हाथियों की मौत हो गई थी। अब ताजा घटना को लेकर लोग वन्यजीव एवं वन संरक्षण विभाग पर लापरवाही बरतने का आरोप लगा रहे हैं। गौरतलब है कि इस पार्क में 300 जंगली हाथियों का निवास है और यह क्षेत्र यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल फायायेन खाओ याई वन क्षेत्र का हिस्सा है।