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स्वास्थ्य : इन खराब आदतों से जल्द पा लीजिये छुटकारा वरना हो सकती है दिल से जुडी यह जानलेवा परेशानी

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बदलती ज़िंदगी शैली व असंतुलित खानपान से कार्डियो वैस्कुलर डिजीज (हृदय रोगों) में इजाफा हो रहा है. चौंकाने वाली बात है कि दिल रोगों की चपेट में अब युवा भी आ रहे हैं. ऐसा शरीर में सामान्य से ज्यादा कोलेस्ट्रोल बढ़ने से हो रहा है. कोलेस्ट्रोल का स्तर बढ़ने से खून की सप्लाई बाधित होने लगती है.

जीएमसी व सुपर स्पेशलिटी जम्मू में प्रतिदिन हार्ट अटैक के 10 से 12 मुद्दे पहुंच रहे हैं. विशेषज्ञों के अनुसार सर्दियों का सीजन आने पर इन मामलों में बढ़ोतरी होगी. ठंड से शारीरिक गतिविधियां कम होने से खून में कंपोनेंट आपस में जुड़कर सीधे दिल पर हमला करते हैं.

इससे खून की सप्लाई प्रभावित होने से हार्ट अटैक होता है. मोटापा, तनाव, डायबिटीज व ब्लड प्रेशर हार्ट अटैक के लिए ज्यादा जिम्मेदार है. अमूमन 40 की आयु में होने वाला हार्ट अटैक अब 20-25 वर्ष के युवाओं को भी हो रहा है. इसमें अधिकतर मामलों में पुरुष पीड़ित हैं.

महिलाओं में हार्ट अटैक के कम होने का कारण

जीएमसी की इमरजेंसी में पहुंचने वाले अधिकतर मुद्दे शहर से हैं. सर्दी बढ़ने पर लोग शारीरिक गतिविधियां कम कर देते हैं. ऐसे मौसम में खानपान पर ज्यादा तवज्जो दी जाती है. लेकिन यह हानिकारक होता है. सामान्य से ज्यादा खानपान करने से शरीर में कोलेस्ट्रोल की मात्रा सामान्य से अधिक हो जाती है.

सुपर स्पेशलिटी के कार्डियोलाजी यूनिट के एचओडी डाक्टर सुशील शर्मा के अनुसार तापमान में गिरावट से शरीर में कई हारमोन में परिवर्तन आता है. इसमें न्यूरो हारमोन अहम होता है. युवाओं में हार्ट अटैक में स्मोकिंग, हाइपरटेंशन आदि जिम्मेदार हैं. स्त्रियों में हार्ट अटैक के कम होने का कारण उनका नियमित माहवारी होना रहता है. लेकिन माहवारी रुकने पर ऐसी स्त्रियों में फैट की चर्बी बढ़ने लगता है, जो हार्ट अटैक का कारण बनता है.

लक्षण
1. आकस्मित घबराहट होना
2. सिर में तेज दर्द, नब्ज निर्बल होना
3. आकस्मित सांस फूलने लगना
4. तनाव से खून की सप्लाई में प्रेशर बढ़ना

सामान्य बचाव
1. दिल रोगी चढ़ाई या ज्यादा चलने से परहेज करें
2. कोलेस्ट्रोल बढ़ाने वाले पदार्थों का सेवन न करें
3. तत्काल असर से तंबाकू के साथ धूम्रपान छोड़ें
4. फल सब्जियों का ज्यादा सेवन करें
5. प्रतिदिन आधा घंटा सैर, योग व एक्सरसाइज़ करें

1. ब्लड प्रेशर, डायबिटीज व अस्थमा के मरीज सर्दियों में विशेष सावधानी बरतें
2. शरीर में पर्याप्त कपड़े डालकर ही बाहर निकलें
3. नहाने के दौरान ठंडा पानी पहले पैरों पर डालें व बाद में शरीर के अन्य हिस्सों पर. इससे शरीर के तापमान में संतुलन बना रहेगा
3. ठंडे पानी का सेवन न करें, गुनगुना पानी लें
4. दुग्ध उत्पादकों का सेवन करने से परहेज करें
5. डायबिटीज के मरीज खाली पेट न रहें, प्रातः काल ब्रेकफास्ट में फ्रूट लें