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छत्तीसगढ़ – धान का भुगतान नहीं मिलने पर पदयात्रा पर निकले किसानों को रोका गया, एसडीएम बोले- होगी कार्रवाई

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 एक ओर जहां छत्तीसगढ़ सरकार 2500 रुपए में धान खरीदी और बोनस देने की बात कर रही है, वहीं भुगतान नहीं मिलने से नाराज किसानों का गुस्सा भड़क गया है। धान का भुगतान नहीं मिलने के विरोध में सोमवार को राजिम से पदयात्रा पर निकले परेशान किसानों को रास्ते में ही रोक लिया गया है। मंडी परिसर में ही अस्थाई जेल बनाई गई है। इस मामले में एसडीएम ने कहा है कि पदयात्रा के लिए किसानों ने अनुमति नहीं ली है। बिना अुनमति के प्रदर्शन कर वाले किसानों पर कार्रवाई की जाएगी।

चार माह पहले किसानों ने उपज मंडी में बेचा था धान

  1. दरअसल, राजिम इलाके के 100 से अधिक किसानों ने कृषि उपज मंडी में अपना धान बेचा था। धान बेचने के चाह माह बीत जाने के बाद भी किसानों को भुगतान नहीं किया गया है। भुगतान नहीं मिलने से किसान परेशान हैं। परेशान ​होकर सभी किसान पदयात्रा कर रायपुर के लिए निकले थे। हालांकि इन सभी किसानों को मंडी परिसर में ही अस्थाई जेल बनाकर कैद किया गया है। इसके बाद किसानों ने नारेबाजी और प्रदर्शन शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि किसानों ने जनप्रतिनिधि और प्रशासन के अधिकारियों से शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। 
  2. किसान कर रहे हैं ये मांगे
    • कृषि उपज खरीदी का बकाया भुगतान मंडी निधि से किया जाए।
    • कृषि उपजों की मंडियों में समर्थन मूल्य से बोली शुरू किया जाए और मंडी अधिनियम का पालन करते हुए तौल के 24 घंटे में मंडी परिसर में भुगतान किया जाए।
    • बे-मौसम बारिश से हुए फसल क्षति का तत्काल आकलन कर क्षतिपूर्ति दिया जाए।
    • क्षेत्रीय समग्र आर्थिक भागीदारी तथा मुक्त व्यापार संधी रद्द किया जाए।
    • स्वामीनाथन आयोग की रिफारिश को लागू किया जाए।