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ये महिलाएं बेशुमार दौलत व रुतबा हासिल करने के लिए सारी हदें पार कर गईं

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भारतीय व्यापार जगत से जुड़ी ऐसी तेजतर्रार और चालाक महिलाएं भी रही हैं, जिन्होंने कई मिथकों को तोड़ते हुए बेशुमार दौलत व रुतबा हासिल करने के लिए न केवल अपने प्रियजनों को अंधेरे में रखा बल्कि वह हत्या जैसे क्रूर अपराधों में शामिल होने से भी नहीं कतराईं. आईएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से एक महिला तो उसकी जान की दुश्मन बन गई, जिसे उसने जन्म दिया था.

1. हनीप्रीत

जेल में बंद डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की गोद ली हुई बेटी हनीप्रीत इंसा भी इनमें से एक है. हनीप्रीत को बुधवार को 2017 के पंचकूला हिंसा मामले में जमानत दे दी गई. हनीप्रीत ने राम रहीम के सारे पैसे और व्यापारिक लेन-देन का प्रबंधन किया, जबकि उसने भारत और विदेश में लाखों लोगों पर अपना प्रभुत्व भी स्थापित किया.

पंचकूला पुलिस ने हनीप्रीत और अन्य डेरा अनुयायियों पर पंचकुला हिंसा मामले के संबंध में राजद्रोह और आपराधिक साजिश के आरोप में मामला दर्ज किया था. अगस्त 2017 में डेरा प्रमुख की सजा के बाद पंचकूला में हिंसा भड़काने की साजिश में अन्य लोगों के साथ हनीप्रीत का नाम भी सामने आया था.

2. इंद्राणी मुखर्जी

इस सूची में हालांकि जो महिला सबसे ऊपर है, वह है इंद्राणी मुखर्जी. इंद्राणी मुखर्जी ऐसी महिला के तौर पर जानी जाती है जिसने अपने स्वार्थ के लिए सारी हदें पार कर दी थी. एक ऐसी महिला जिसने पैसों के लिए अपनी ही बेटी को मार डाला.

इंद्राणी पीटर मुखर्जी की पत्नी है जो कि आईएनएक्स मीडिया मामले में दोषी भी हैं. इंद्राणी ने अपनी बेटी शीना बोरा की हत्या कर दी थी. इतना ही नहीं वह सभी अवैध साधनों का उपयोग करके कॉर्पोरेट सीढ़ी पर चढ़ी थी. उसने बिना अनुमति के विदेशी प्रत्यक्ष निवेश के माध्यम से विदेशी धन प्राप्त करने के लिए कानून का उल्लंघन किया था.

3. मादी शर्मा

इसके अलावा एक महिला मादी शर्मा भी इस सूची में आश्चर्यजनक तरीके से शामिल हुई है. मादी एक इंटरनेशनल ब्रोकर है. मादी शर्मा फिलहाल ब्रिटेन की निवासी हैं और उन्होंने हाल ही में जम्मू एवं कश्मीर में यूरोपीय संसद के सदस्यों की एक अनौपचारिक यात्रा का आयोजन किया था. आश्चर्यजनक रूप से इस वीआईपी यात्रा में सभी भुगतान भी उन्हीं के द्वारा कराए गए थे.

इसी दौरान मादी शर्मा सुर्खियों में आई थी, जब विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर यह सवाल करते हुए हमला किया कि भारतीय सांसदों को कश्मीर जाने की अनुमति से इनकार किया जा रहा है और विदेशी सांसदों को वहां जाने की अनुमति दी जा रही है.

वह खुद को महिला आर्थिक और सामाजिक थिंक टैंक (डब्ल्यूईएसटीटी) नामक एक संगठन प्रमुख के तौर पर बताती हैं. मादी ने यूरोपीय संसद और दुनिया भर की सरकारों के साथ गैर-सरकारी संगठनों के साथ भी काम किया है.

4. यास्मीन कपूर

वहीं एक महिला यास्मीन कपूर है, जो दो महीने पहले विमानन घोटाला मामले में भारतीय जांच एजेंसियों द्वारा पकड़े जाने के बाद सुर्खियों में आई थीं. अब तक हमने सुना है कि यास्मीन कपूर कॉरपोरेट लॉबीस्ट दीपक तलवार की करीबी सहयोगी है.

वह 2008-09 में विमानन घोटाले में तिहाड़ जेल में रह चुकी है. उसे एनजीओ एडवांटेज इंडिया द्वारा विदेशी मुद्रा नियमों के कथित उल्लंघन के आरोपों का भी सामना करना पड़ रहा है.