Home जानिए आपकी स्लीपिंग पोजीशन सेहत पर डालती है विपरीत प्रभाव

आपकी स्लीपिंग पोजीशन सेहत पर डालती है विपरीत प्रभाव

All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0004
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0001
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0002
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0003

कहते हैं कि बेहतर स्वास्थ्य के लिए अच्छी नींद लेना बेहद जरूरी है लेकिन क्या आप इस बात से वाकिफ हैं कि आपके सोने का तरीका भी आपके स्वास्थ्य को काफी हद तक प्रभावित करता है। नहीं न, लेकिन यह सच है। आपकी स्लीपिंग पोजिशन के कारण भी आपको बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड सकता है। तो चलिए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से-

कुछ लोगों को छाती के बल सोना काफी अच्छा लगता है। अगर आप भी छाती के बल सोते हैं तो आपको आज ही अपनी इस आदत को बदल देना चाहिए। दरअसल, इससे आपकी लोअर बैक पर अतिरिक्‍त खिंचाव पड़ता है। और साथ ही गर्दन और कंधे की पॉश्‍चर भी ज्‍यादा जोर पड़ता है। ऐसे लोग अक्सर दर्द की शिकायत करते हैं। वैसे जिन लोगों को खर्राटे लेने की आदत होती है, उनके लिए छाती के बल सोना फायदे का सौदा हो सकता है।

बच्चे की तरह सोने की मुद्रा को सेहत के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है क्योंकि ऐसे में आप रात में कभी भी आराम से करवट बदल सकते हैं और इससे रीढ़ पर जोर नहीं पड़ता। ऐसे सोने वाले लोग सुबह उठाकर ज्यादा तरोताजा महसूस करते हैं। इस तरह से सोना गर्भवती महिलाओं के लिए बहुत लाभकारी होता है खासतौर से बायीं तरफ।

वहीं पीठ के बल सोने पर आपकी रीढ़ की हड्डी सीधी रहती है। साथ ही यह पोजिशन पेट में एसिड नहीं बने देती है क्योंकि यह अन्नमय और पेट को कम करती है। वहीं दूसरी ओर, इस पोजिशन में सोने के कुछ नुकसान भी हैं। जो लोग पीठ के बल सोते हैं|

उनमें खर्राटे लेने की समस्या बढ़ जाती है और यहां तक कि स्लीप ऐप्निया के शिकार हो सकते हैं। क्यों कि इस तरह सोने से आपकी जीभ अंदर की तरफ चली जाती है। इसके अलावा यह पीठ के निचले हिस्से दर्द को बढ़ा सकता है।