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छत्तीसगढ़ : रेत अवैध खनन को लेकर सदन में हंगामा, भाजपा सदस्यों ने किया बहिर्गमन…

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छत्तीसगढ़ विधानसभा के पांचवें दिन शुक्रवार को प्रदेश में रेत की अवैध उत्खनन को लेकर भारी हंगामा हुआ। विपक्ष ने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में रेत माफियाओं का राज हो गया है। खुलेआम रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है व परिवहन किया जा रहा है, जिसपर सरकार का कोई अंकुश नहीं है । इससे राज्य सरकार को भारी राजस्व का नुकसान हो रहा है। वहीं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सदन में जवाब देते हुए कहा कि अवैध उत्खनन पर काफी अंकुश लगाया गया है । वहीँ राजस्व में भी वृद्धि हुई है, लेकिन विपक्ष ने लोडिंग रेट व रेत माफियाओं पर जवाब से असंतुष्ट भाजपा सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन कर दिया।

जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के विधायक धर्मजीत सिंह ने रेत के अवैध उत्खनन को लेकर सदन को अवगत कराया है कि प्रदेश में रेत माफिया महंगे दामों पर रेत बेच रहे हैं । वहीँ राज्य सरकार को इससे भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि 15 जिलों के लगभग 850 रेत घाट की नीलामी प्रक्रिया कागजों तक सिमट कर रह गई है । वहीँ रेत माफिया बेधड़क अवैध खनन कर मनमानी पैसा ग्राहकों से वसूल रहे हैं । करोड़ों रुपये की रेत पिछले 3 माह के अंदर ही बेची गई। वहीं शासन को रॉयल्टी का एक भी पैसा नहीं मिला है ।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि रेत घाट की नीलामी प्रक्रिया पहली बार कागजों में लाया गया है। प्रदेश के सभी 27 जिलों में कुल 247 रेत खदानों के लिए निविदा जारी की जा चुकी है जिनमें से 183 निविदा खोली जा चुकी है। एनजीटी के सहमति से 65 खदानों को तत्काल अग्रिम रॉयल्टी जमा करा कर अभिवहन पास जारी किया गया है, जिससे राज्य सरकार को एक करोड़ 80 लाख की रॉयल्टी प्राप्त हुई है।

भाजपा के वरिष्ठ विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि रायपुर में 4 खदानें हैं जिनमें 400 से अधिक आवेदन आए हुए हैं जिनमें सभी शराब माफिया हैं जो अब रेत उत्खनन कारोबार में आ गए हैं। यदि इन्हें नियम बनाकर नहीं रोका गया तो प्रदेश में माफियाओं का राज हो जाएगा। वही मुख्यमंत्री भूपेश ने कहा कि छत्तीसगढ़ पहला राज्य है जहां रिवर्स बीडिंग लागू है राज्य सरकार माफियाओं को रोकने के लिए और भी कड़े नियम बनाएगी।वही भाजपा के तेजतर्रार विधायक अजय चंद्राकर ने पूछा कि 65 खदानों की अनुमति और एनओसी किसके नाम पर दी गई है।

सीएम भूपेश ने कहा कि ठेकेदार के नाम पर 2 वर्ष के लिए पट्टा दिया गया है । उन्होंने कहा कि एनजीटी के गाइडलाइन के तहत 15 जून से 15 अक्टूबर तक खाना नहीं होगा । इस अवधि में अवैध खनन के 3200 प्रकरण दर्ज किए गए हैं । सत्ता पक्ष व विपक्ष में लोडिंग मूल्य माइनिंग प्लान व रेत माफियाओं पर अंकुश लगाने को लेकर तीखी बहस के बाद भाजपा सदस्यों ने सदन का बहिर्गमन कर दिया।