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जंगल में दौड़ाकर शिकारियों ने ताबड़तोड़ मारी गोली, जान तो बची लेकिन अंधा हो गया बेजुबान…

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ऐसे जानवर जिनकी प्रजाति खतरे में पड़ गई है और जिनकी संख्या तेजी से कम होती चली जा रही है, पेशेवर शिकारी उन्हें भी मारने की कोशिश करने से बाज नहीं आते हैं। अभी हाल ही में इंडोनेशिया के जकार्ता में शिकारियों ने एक ओरांगउटान को मारने की कोशिश की। उन्होंने करीब 25 साल के एक ओरांगउटान को एयर राइफल से ताबड़तोड़ 24 गोलियां मारी, लेकिन किस्मत से वह बेजुबान जानवर बच गया और शिकारी उसे ले जाने में सफल नहीं हो सके।

चल रहा इलाज
शिकारियों के क्रूर हमले के शिकार ओरांगउटान की देखरेख अब सुमात्रा के ओरागंउटान कन्जर्वेशन प्रोग्राम के तहत की जा रही है। सुमात्रा ओरांगउटान कन्जर्वेशन प्रोग्राम तेजी से विलुप्त होते जा रहे इस जानवर की सुरक्षा और संरक्षण के लिए चलाया जा रहा है। शिकारियों के हमले से बुरी तरह घायल इस ओरांगउटान का रेस्क्यू नेशनल रिसोर्सेस कन्जर्वेशन एजेंसी ने किया। इस ओरांगउटान का इलाज करने वाले डॉक्टरों का कहना है कि इसकी बॉडी से गोलियां निकालने में उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

जान तो बच गई, पर हो गया अंधा
ओरांगउटान की बॉडी के स्कैन से पता चला कि उसके सिर में 16 गोलियां थीं, 4 बांहों और पैरों में, तीन गोलियां उसकी कमर के नीचे और पेट में थीं। इस तरह, कुल 24 गोलियां उसे मारी गई थीं। डॉक्टरों ने अपनी तरफ से सारी गोलियां निकालने की पूरी कोशिश की, लेकिन उन्होंने पाया कि गोली लगने के चलते उसकी आंखों की रोशनी चली गई है और वह पूरी तरह अंधा हो गया है।

सिर से 13 गोलियां नहीं निकाली जा सकीं
डॉक्टरों मे बताया कि ओरांगउटान के सिर से वे सिर्फ 3 गोलियां ही निकाल सके, 13 गोलियां अभी भी उसके सिर के अंदर ही हैं। डॉक्टरों का कहना था कि वे सारी गोलियां इसलिए नहीं निकाल सके, क्योंकि ऐसा करने पर उसकी हालत और भी खराब हो सकती थी। बहरहाल, अब इस ओरांगउटान की हालत पहले से ठीक है, लेकिन सबसे दुख की बात यह है कि उसकी आंखों की रोशनी कभी नहीं लौट पाएगी। यह पहली बार नहीं है कि इंडोनेशिया में ओरांगउटान का शिकार करने की कोशिश की गई है। ऐसा पहले भी होता रहा है, जबकि यह पूरी तरह अवैध है। अगर कोई इस संरक्षित प्राणी का शिकार करता पकड़ा जाए तो उसे 5 साल की जेल की सजा हो सकती है और करीब 5 लाख रुपए का जुर्माना लगाया जा सकता है।