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आरोपियों की जेल में हो रही खातिरदारी! खाने में मिल रहा मटन करी और फ्राइड राइस…

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तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में वेटनरी डॉक्टर से गैंगरेप के बाद हत्या कर से पूरा देश आक्रोशित है. एक तरफ को न्याय दिलाने के लिए सोशल मीडिया पर कैंपेन चलाया जा रहा है. लोग चारों दरिंदों को फांसी के बजाय भीड़ के हवाले करने और चौराहे पर जिंदा जलाने की मांग कर रहे हैं. वहीं, हैदराबाद पुलिस इन सभी आरोपियों की जमकर खातिरदारी कर रही है. सूत्रों के मुताबिक, चारों आरोपियों को जेल में पहले दिन खाने में मटन करी और फ्राइड राइस परोसी गई.

सूत्रों के मुताबिक, वारदात में शामिल चारों आरोपियों मोहम्मद आरिफ, नवीन, चिंताकुंता केशावुलु और शिवा को वक्त पर नाश्ता, लंच और डिनर परोसा जा रहा है. हालांकि, तेलंगाना की त्रिचिरापल्ली जेल के सुपरिटेंडेंट के मुताबिक, चारों आरोपियों को जेल मैनुअल के हिसाब से ही खाना दिया जा रहा है.

एक तरफ जेल अधिकारी ये दावा कर रहे हैं कि गैंगरेप और मर्डर के आरोपियों को जेल मैनुअल के हिसाब से ही खाना दिया जा रहा है, लेकिन वो ये नहीं बता रहे हैं कि वारदात में इस्तेमाल हुए ट्रक का ड्राइवर बिना किसी डॉक्यूमेंट्स के दो साल तक ड्राइविंग कैसे कर रहा था? सूत्रों का ये भी कहना है कि गैंगरेप और मर्डर के 48 घंटे के बाद पुलिस ने ट्रक के ड्राइवर को पकड़ा था, लेकिन वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया. ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि पुलिस ने उसे दोबारा पकड़ना जरूरी क्यों नहीं समझा?

पीड़िता की बहन का आरोप
इस मामले में पुलिस के रवैये पर भी सवाल उठ रहे हैं. महिला डॉक्टर के परिवार के मुताबिक, शुरुआत में पुलिस ने रिपोर्ट लिखने में देरी की. पीड़िता की छोटी बहन ने कहा, ‘मां के कहने पर मैं उसे देखने के लिए टोल प्लाजा पर गईं. वो वहां नहीं मिली. मैंने पुलिस को कॉल किया. इसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज देखी. टोल प्लाजा पर पहुंचते हुए उसे देखा गया, लेकिन बाद का फुटेज उसमें नहीं था. इस बीच पुलिस ने कहा कि ये उनके पुलिस स्टेशन का मामला नहीं है, वो इलाका किसी दूसरे थाने के अंदर आता है. वहां पहुंचते-पहुंचते रात के 3:30 बज गए थे. मैं घर लौट आई और मेरे पापा दो सिपाहियों के साथ मेरी बहन की तलाश करते रहे. 5:30 बजे वो वापस आ गए.’

महिला डॉक्टर की मां ने कहा- दोषियों को मिले सबके सामने जिंदा जलाने की सजा
पीड़िता की मां ने कहा, ‘मेरी बेटी मासूम थी. उसके साथ ये सबकुछ हो गया. मैं चाहती हूं कि दोषियों को सबके सामने जिंदा जलाकर मारने की सजा दी जाए.’ पीड़िता के परिजनों ने कहा, ‘अगर पुलिस ने तत्‍काल कार्रवाई की होती, तो शायद उनकी बेटी की जान जाने से बच जाती, लेकिन पुलिस उन्‍हें दौड़ाती रही.’

आरोपियों के परिवार ने भी कहा- कपूत को जिंदा जला दो
आरोपियों के परिवार वालों का भी कहना है कि ऐसा घिनौना अपराध करने वालों को तुरंत फांसी दे देनी चाहिए. आरोपी चिंताकुंता केशावुलु की मां ने एक अखबार से बात करते हुए कहा कि मेरे कपूत को भी फांसी दे दो या आग के हवाले कर दो. जैसा उसने युवती के गैंगरेप के बाद किया था.

आरोपी की मां ने कहा, ‘मैं पीड़िता के परिवार का दर्द समझ सकती हूं, क्योंकि मेरी भी एक बेटी है. आज अगर मैं अपने बेटे का बचाव करूंगी, तो लोग पूरी जिंदगी मुझसे नफरत करेंगे.’ बहरहाल, चारों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस इस केस को फास्ट ट्रैक में चलाए जाने की प्रक्रिया कर रही है.