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छत्तीसगढ़ : बड़ी खबर – सरकार की चेतावनी का दिखा असर , धान खरीदी केंद्र में गड़बड़ी के मामलें में समिति प्रबंधक समेत 3 के खिलाफ FIR दर्ज…

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सिमगा के ढेकुना धान खरीदी केन्द्र में गड़बड़ी करने वाले समिति प्रबंधक समेत तीन कर्मचारियों के विरूद्ध सिमगा पुलिस थाने में प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज की गई है। पुलिस ने भारतीय दण्ड संहिता की धारा 467, 468, 418, एवं 420 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। सिमगा के सहकारिता विस्तार अधिकारी श्री अशोक साहू की रिपोर्ट पर कल रात सिमगा थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई है। खरीदी केन्द्र ढेकुना के प्रभारी समिति प्रबंधक एवं फड प्रभारी श्री दिनेश वर्मा, कम्प्यूटर आॅपरेटर अश्वनी यादव एवं बारदाना प्रभारी धनेश घृतलहरे के विरूद्ध पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
उप पंजीयक, सहकारिता से प्राप्त जानकारी के अनुसार विश्रामपुर सोसायटी के अंतर्गत धान खरीदी केन्द्र ढेकुना का जिला प्रशासन की टीम ने विगत 3 दिसम्बर को आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण में पाया गया कि ढेकुना में फर्जी तरीके से रजिस्टर तैयार कर खरीदे गये धान की मात्रा से 511 कट्टा धान ज्यादा पाया गया। जिसकी कीमत 5 लाख 11 हजार रूपये होती है। धान की ये मात्रा 3 तारीख को बिना टोकन जारी किये उपार्जन केन्द्र के भीतर लाया गया और नियमों के विरूद्ध बारदाना जारी कर तौल करके रखा गया। धान का मौके पर भौतिक सत्यापन करने पर मामला उजागर हुआ। फड़ प्रभारी से पूछे जाने पर बताया कि उन्होंने 4 दिसम्बर की स्थिति मंे काटे गये टोकन के विरूद्ध 9 किसानों का धान खरीदा गया है। फड़ में उपलब्ध धान एवं दस्तावेजों के अवलोकन करने पर स्पष्ट हुआ कि फड़ प्रभारी द्वारा इन किसानों का धान जिसका टोकन 4 दिसम्बर के लिए काटा गया था, को तौलकर उपार्जन केन्द्र में रखा गया, जिसका समायोजन 4 दिसम्बर को किया जाता। इस प्रकार आगामी दिवस हेतु अग्रिम धान तौलकर उपार्जन केन्द्र में रखना धान खरीदी नीति 2019-20 का सीधा उल्लंघन है। जिसके लिए समिति प्रबंधक एवं फड प्रभारी श्री दिनेश वर्मा, कम्प्यूटर ऑपरेटर अश्विनी यादव एवं बारदाना प्रभारी धनेश घृतलहरे प्राथमिक रूप से दोषी हैं। इसलिए उन तीनों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज की गई है।