Home समाचार कांग्रेस पर फूटा शिवसेना का गुस्सा, राउत बोले- वीर सावरकर पर राहुल...

कांग्रेस पर फूटा शिवसेना का गुस्सा, राउत बोले- वीर सावरकर पर राहुल गांधी का बयान दुर्भाग्यपूर्ण…

All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0004
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0001
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0002
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0003

महाराष्ट्र का सियासी संकट दोबारा उबाल मार सकता है. शनिवार को रामलीला मैदान में कांग्रेस की भारत बचाओ रैली में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने वीर सावरकर पर बयान दे दिया था. जिसके बाद से शिवसेना और कांग्रेस के बीच खटास पड़ती दिख रही है. शिवसेना नेता संजय राउत ने एक के बाद एक कई ट्वीट कर नाराजगी जाहिर की. अब उन्होंने सीधे-सीधे कांग्रेस पर हमला बोला है.

संजय राउत ने कहा, “स्वतंत्र वीर विनायक दामोदर सावरकर इनका सिर्फ नाम अगर लेंगे तो आज भी इस देश में नौजवान पीढ़ी रोमांचक हो जाती हैं. वीर सावरकर आज भी इस देश के हीरो हैं और रहेंगे. स्वतंत्रता की लड़ाई में जिस प्रकार क्रांतिकारी काम किए तीन भाईयों ने पूरे परिवार के साथ इस लड़ाई में खुद को झोंक दिया. अंडमान में 2-2 उम्र कैद जिला 50-50 सालों का इस देश के इतिहास में ऐसा कोई दूसरा उदाहरण नहीं है. वीर सावरकर मतलब राष्ट्र का अभिमान, स्वाभिमान ऐसा मैं मानता हूं.”

शिवसेना नेता ने आगे कहा, “कांग्रेस के कई लोगों ने स्वतंत्र की लड़ाई में भाग लिया और जेल भी गए. पंडित नेहरू, महात्मा गांधी, सरदार पटेल, सुभाष चंद्र बोस जी हर किसी का इस देश की स्वतंत्रता की लड़ाई में योगदान हम मानते हैं. भारतीय जनता पार्टी नहीं मानती होगी लेकिन हम मानते हैं. आपको भी (राहुल गांधी) सावरकर का योगदान को मानना होगा. उन्होंने जो भी क्रांतिकारी काम किया है उसका अपमान किसी को नहीं करना चाहिए.”

राउत ने कहा कि आज भी हम सावरकर के नाम पर रोमांचित होते हैं. आज भी हमें सावरकर के नाम से प्रेरणा मिलती हैं. यह प्रेरणा सही में लड़ने का बल देती है, संघर्ष का बल देती है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने जो वक्तव्य किया है वह दुर्भाग्यपूर्ण है. सही में मैं महाराष्ट्र के नेताओं को कहूंगा कि वह दिल्ली में जाकर उनके नेता राहुल गांधी से मिलना चाहिए और वीर सावरकर के पुस्तक और कैसे उन्होंने ब्रिटिशर्स से संघर्ष किया वह उन्हें भेंट स्वरूप देना चाहिए.

उन्होंने कहा कि 6 सुनहरे पन्ने सावरकर के इस ग्रंथ को भी उन्हें (राहुल गांधी) भेंट देने चाहिए. सावरकर के अंदर निष्ठ हिंदुत्व क्या था इस विषय पर उनका साहित्य और विचार वह उन्हें भेंट देना चाहिए और वीर सावरकर के विषय में जो गैर समझ है, सबके मन में कुछ कांग्रेस नेताओं के मन में, कुछ विदर्भ वादियों के मन में, उनके मन का गैर समझ जल्द से जल्द दूर होगा तो इस देश में सावरकर के नाम पर नया संघर्ष, लड़ने की प्रेरणा लोगों को मिलेगी. इसका मुझे विश्वास है.

दरअसल, राहुल गांधी ने रामलीला मैदान में कांग्रेस की ओर से आयोजित ‘भारत बचाओ रैली’ में उपस्थित विशाल जनसमूह को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा, “कल संसद में भाजपा के लोगों ने कहा कि आप अपने भाषण के लिए माफी मांगिए. लेकिन मैं आपको बता दूं कि मेरा नाम ‘राहुल सावरकर’ नहीं है, मेरा नाम ‘राहुल गांधी’ है. मर जाऊंगा, मगर माफी नहीं मांगूंगा. सच बोलने के लिए मैं माफी नहीं मांगूंगा. कांग्रेस का कोई व्यक्ति माफी नहीं मांगेगा.”