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जूही चावला ने CAA पर खुलकर कह दी ऐसी बात, लगने लगे मोदी-मोदी के नारे…

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जूही चावला ने पूछा कि आपमें से कितने लोग हैं, जिन्होंने पिछले 5 सालों में एक भी दिन की छुट्टी नहीं ली. मैं किसी पार्टी या पॉलिटिक्स की बात नहीं कर रही. मैं एक इंसान के बारे में बात कर रही हूं, जो हमारे प्रधानमंत्री हैं, वह पीएम मोदी हैं. वह लगातार हमारे देश को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं.

नई दिल्ली: CAA और NRC पर अनुराग कश्यप, विशाल भारद्वाज, तापसी पन्नू और गौहर खान जैसे सितारे अपना विरोध जता चुके हैं. वहीं जूही चावला (Juhi Chawla) इसके समर्थन में खुलकर सामने आई हैं. जूही ने मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया पर हुए CAA के समर्थन में हुए एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया. यह कार्यक्रम ऐसे विरोध-प्रदर्शनों के भी खिलाफ था, जिसमें ‘फ्री कश्मीर’ के पोस्टर लहराये गए थे और देश को तोड़ने के लिए ‘हमको चाहिए आजादी’ जैसे नारे लगाए गए. जूही ने इस कार्यक्रम में सवाल किया कि कुछ लोग सरकार को बिना सोच-समझे दोषी क्यों ठहरा रहे हैं. सरकार की आलोचना करने से पहले हमें खुद के आचरण पर विचार करना चाहिए.

जूही ने यहां पूछा कि आप में से कितने लोग हैं, जिन्होंने पिछले 5 सालों में एक भी दिन की छुट्टी नहीं ली. मैं किसी पार्टी या पॉलिटिक्स की बात नहीं कर रही. मैं एक इंसान के बारे में बात कर रही हूं, जो हमारे प्रधानमंत्री हैं, वह पीएम मोदी हैं. वह लगातार हमारे देश को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं.

जूही ने इसके साथ ही मीडिया के एक वर्ग पर भी सवाल उठाया. सिर्फ प्रतिक्रिया के लिए घटनाओं के बारे में पूछताछ न करें. जब हम अपने काम पर जा रहे हैं और अपने टास्क को पूरा करने को लेकर तल्लीन होते हैं, तभी कोई घटना घटी तो मीडिया सवाल करने लगता है कि आपकी क्या राय है? हमने मामले को समझा नहीं, लेकिन आपको रिएक्शन चाहिए. मामले को पूरी तरह समझना सबसे पहले जरूरी है. प्रतिक्रिया लेने और देने वाले, दोनों को इस पर जिम्मेदारी निभानी होगी.

आप किसी पर एक उंगली उठाते हैं तो बाकी की उंगलियां आपकी तरफ इशारा करती हैं. हम क्या कर रहे हैं. सरकार की आलोचना करने की जगह हमें खुद के आचरण पर विचार करना चाहिए. क्या हम पहले रुककर समझ लें कि बात क्यों है, क्या है? पहले समझें और फिर मुंह खोलें. कोई भी चीज तोड़ने में वक्त नहीं लगता, जोड़ने में बहुत वक्त लगता है. सब जोड़ने की बात क्यों नहीं करते? वैसे यहां अभिनेता दलीप ताहिल भी दिखे. जिन्होंने कहा कि JNU में विरोध-प्रदर्शन CAA से जुड़ा हुआ है. छात्रों का विरोध स्क्रिप्टेड और नियोजित था.