Home क्षेत्रीय खबरें / अन्य खबरें 170 साल बाद खजाने की खोज में खोदा गया तहखाना, तिजोरी खुलते...

170 साल बाद खजाने की खोज में खोदा गया तहखाना, तिजोरी खुलते ही सभी रह गए सन्न…

All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0004
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0001
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0002
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0003
IMG-20240704-WA0019
IMG-20220701-WA0004
WhatsApp-Image-2022-08-01-at-12.15.40-PM
1658178730682
WhatsApp-Image-2024-08-18-at-1.51.50-PM

दुनियाभर में लोग अलग अलग जगह से लोग नए नए तरह के खोज करते रहते है जिसमे ज़्यादातर खोज खजाने की ही होती है। हमेशा से माना जाता रहा है की हमारे पूर्वज या यूं कह लीजिए की प्राचीन समय में जो भी लोग थे उनके पास बहुत सारा सोना और खजाना हुआ करता था जो समय समय पर हुए युद्ध और प्रकृतिक आपदाओं में कहीं दब गए। हाल के डीनो में राजस्थान के पुष्कर का ब्रह्मा मंदिर काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। जानकारी है कीअहमदाबाद के अक्षरधाम मंदिर की तर्ज पर कई करोड़रूपये खर्च कर इसे बनाया जा रहा है।

बताना चाहेंगे की करीब साल भर पहले भी यह मंदिर तब चर्चा में आया था जब इस मंदिर के खुदाई के दौरान अंदर एक गुप्त तहखाना मिला था जिसमे एक बड़ी सी तिजोरी निकली थी। आपको बता दे की साल 2016 फरवरी माह में पुष्कर के वेणुगोपाल मंदिर में करीब 170 साल पुराना तहखाना को खोला गया था। ऐसा माना जा रहाथा की मंदिर के तहखाने में वर्षों से पड़ा हुआ भारी खजाना मिल सकता है।

तहखाने की खुदाई के दौरान वहाँ एक बहुत बड़ी सी तिजोरी मिली भी जिसके बाद लोगों में काफी उत्सुकता बढ़ गयी की उन्होने जैसा सोचा था शायद वैसा ही कुछ निकलने वाला है।बड़ी मशक्कत से उस भारी भरकम तिजोरी तहखाने से निकाला गया और जब उसे खोला गया तो अंदर का नजारा देख सभी पागल हो गए, असल में तिजोरी एकदम खाली निकली।

बताया जा रहा था की लंबे समय से तहखाना बंद होने के कारण सबसे पहले उसमें विशेषज्ञों से राय-मशवरा करने के बाद सबसे पहले कंप्रेशर के माध्यम से हवा छोड़कर तहखाने में मौजूद हानिकारक गैस बाहर निकाली गई थी। इसी दौरान तहखाने में लोहे की बड़ी तिजोरी दिखाई दी जिसे अनुभवी श्रमिकों की मदद से करीब एक घंटे के लगातार प्रयास के बाद तिजोरी को बाहर निकाला था, लेकिन उम्मीद के उलट तिजोरी खाली निकली।