Home छत्तीसगढ़ CAA लागू ना करना राष्ट्रीय एकता के खिलाफ ! याचिकाकर्ता ने कहा-...

CAA लागू ना करना राष्ट्रीय एकता के खिलाफ ! याचिकाकर्ता ने कहा- राज्य को हस्तक्षेप का अधिकार नहीं…

All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0004
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0001
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0002
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0003
IMG-20240704-WA0019
IMG-20220701-WA0004
WhatsApp-Image-2022-08-01-at-12.15.40-PM
1658178730682
WhatsApp-Image-2024-08-18-at-1.51.50-PM

नागरिकता संशोधन कानून पर मचे सियासी बवाल के बीच, मध्यप्रदेश में भी इस कानून को लागू करने की मांग हाईकोर्ट पहुंच गई है। मामले में अखिल भारतीय मलयाली संघ सहित चार संस्थाओं की ओर से हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के उस बयान को भी चुनौती दी गई है जिसमें उन्होने सीएए को मध्यप्रदेश मे लागू ना होने देने की बात की थी।

याचिका में कहा गया है कि केन्द्र सरकार पूरे देश में सीएए को लागू कर चुकी है और इसके लिए बीती 10 जनवरी को विधिवत अधिसूचना भी जारी कर दी गई है, लेकिन प्रदेश में इस कानून को लागू ना होने देने की बात देश की राष्ट्रीय एकता के खिलाफ है। याचिका में कहा गया है कि संसद से पारित नागरिकता कानून में दखल देने का कोई अधिकार राज्य सरकार के पास नहीं है।

याचिका में मांग की गई है कि प्रदेश के मुख्य सचिव द्वारा हाईकोर्ट में लिखित में ये अंडरटेकिंग ली जाए कि सीएए को मध्यप्रदेश में भी लागू किया जाएगा। जबलपुर हाईकोर्ट ने शुरुआती सुनवाई के बाद ये याचिका विस्तृत सुनवाई के लिए मंजूर कर ली है। इधर मामले पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि सीएए के मुद्दे पर कई याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में भी दायर की गईं हैं जिन पर सुप्रीम कोर्ट आगामी 22 फरवरी को सुनवाई करेगा। ऐसे में जबलपुर हाईकोर्ट ने मध्यप्रदेश में भी सीएए को लागू करने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई के लिए 2 मार्च की तारीख तय कर दी है।