Home छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने धान की सरकारी खरीदी का काम पूरा होते ही भाजपा...

कांग्रेस ने धान की सरकारी खरीदी का काम पूरा होते ही भाजपा नेतृत्व पर तीखा हमला बोला; धान खरीदी में बाधा डालने का लगाया आरोप…

All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0004
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0001
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0002
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0003
IMG-20240704-WA0019
IMG-20220701-WA0004
WhatsApp-Image-2022-08-01-at-12.15.40-PM
1658178730682
WhatsApp-Image-2024-08-18-at-1.51.50-PM

धान की सरकारी खरीदी का काम पूरा होते ही कांग्रेस ने भाजपा नेतृत्व पर तीखा हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष गिरीश देवांगन और संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कांग्रेस नेताओं पर धान खरीदी में बाधा डालने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदेव साय को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए।

कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय राजीव भवन में प्रेस से चर्चा में दोनों नेताओं ने कहा, इस बार धान की रिकॉर्ड खरीदी हुई है। भाजपा नेता लगातार बाधा डालते रहे, भ्रम फैलाते रहे। फर्जी बातों को लेकर किसानों को राज्य सरकार के खिलाफ भड़काया। भाजपा के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार बाधा डालती रही। कांग्रेस नेताओं ने कहा, भाजपा सरकार ने किसानों से किया कोई वादा पूरा नहीं किया।

वे कांग्रेस सरकार को भी अपनी तरह की समझते रहे। लेकिन पहले साल जब 2500 रुपए प्रति क्विंटल में धान खरीदी सफलतापूर्वक हो गई तब इनको लगा कि यह सरकार तो वादे पूरे कर रही है। इन्होंने केन्द्र सरकार के खाद्य सचिव से पत्र जारी करवाया। कहा गया, समर्थन मूल्य से ऊपर एक रुपया भी दिया तो छत्तीसगढ़ के किसानों के धान से बना चावल FCI के गोदामों में नहीं रखा जाएगा।

इस साल हद पार करने का आरोप

कांग्रेस उपाध्यक्ष गिरीश देवांगन ने कहा, भाजपा ने इस साल तो हद कर दी। मोदी सरकार ने जूट के बोरो की आपूर्ति रोक दी। विपरीत परिस्थितियों का सामना करते हुये राज्य सरकार ने धान खरीदा।

आंकड़ों के जरिए खरीदी को सफलता बताने की कोशिश

कांग्रेस नेताओं ने कहा, कांग्रेस सरकार के पहले कार्यकाल 2018-19 में धान बेचने वाले पंजीकृत किसानों की संख्या 1,25,351 और दूसरे वर्ष 2019-20 में 1,16,951 और इस वर्ष 1,00,475 है। इनका कुल योग रमन सिंह सरकार के अंतिम कार्यकाल में धान ना बेच पाने वाले कुल संख्या के योग से भी कम है। छत्तीसगढ़ में एक दिसम्बर से शुरू हुई धान की सरकारी खरीदी 31 जनवरी को पूरी हुई है।