Home छत्तीसगढ़ शासन की प्राथमिकताओं के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश : मुख्य...

शासन की प्राथमिकताओं के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश : मुख्य सचिव की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग

IMG-20251011-WA0045
IMG-20250614-WA0035
IMG-20250614-WA0034
IMG-20250614-WA0033
IMG-20250614-WA0032
IMG-20250614-WA0030
IMG-20250614-WA0031
IMG-20250614-WA0029
IMG-20250614-WA0028

IMG-20240704-WA0019
IMG-20220701-WA0004
WhatsApp-Image-2022-08-01-at-12.15.40-PM
1658178730682
WhatsApp-Image-2024-08-18-at-1.51.50-PM

रायपुर – वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन ने राज्य के समस्त संभागायुक्त, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, मुख्य वन संरक्षक और जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को शासन की प्राथमिकताओं में शामिल योजनाओं-कार्यों का क्रियान्वयन त्वरित गति से करने के निर्देश दिए है। मंत्रालय महानदी भवन से आयोजित इस वीडियो कॉन्फ्रेंस में कोविड-19 से बचाव के उपाय, जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष लंबित पेरोल आवेदनों के निराकरण, गर्मी के मौसम में पेयजल एवं निस्तारी जल की व्यवस्था और संक्रामक बीमारी से बचाव, गोधन न्याय योजना, आगामी वर्षा ऋतु में वृक्षारोपण, स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मिडियम स्कूल, नरवा, वर्षा जल के संरक्षण और कस्टम मिलिंग के संबंध में विस्तार से समीक्षा की गयी।

    मुख्य सचिव ने कोविड-19 से बचाव के लिए टीकाकरण, संक्रमण की जांच और कोविड से बचने के लिए जरूरी उपायों को व्यवहार में शामिल करने के प्रयासों पर जोर दिया है। उन्होंने कहा है कि टीकाकरण का पहला डोज ले चुके फ्रंटलाईन वर्कर्स, स्वास्थ्य कर्मियों और 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को निर्धारित समयावधि में टीके के दूसरा डोज लेना अनिवार्य है। इसके लिए सभी लक्षित समूहों तक विभिन्न माध्यमों से संदेश पहुंचाकर उन्हें प्रेरित करने कहा गया है। श्री जैन ने कोविड टेस्ट और टीकाकरण की प्रगति में पिछड़े हुए जिलों को इस कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए है। उन्होंने यह भी कहा है कि कोविड टीकाकरण के चलते गर्भवती-शिशुवती और बच्चों के टीकाकरण के कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बरदास्त नहीं की जाएगी। आगामी समय में त्यौहारों को देखते हुए संक्रमण से बचाव के उपाय का पालन आम लोगों द्वारा किए जाए यह सुनिश्चित करने के निर्देश कलेक्टरों को दिए गए है। त्यौहारी सीजन के दौरान इससे संबंधित सामग्री से विक्रय से जुड़े दुकानदारों और लोगों के सम्पर्क में आने वाले चाट-खोमचे आदि के संचालकों का स्वास्थ्य जांच प्राथमिकता के आधार पर करने के निर्देश दिए गए है। सीमावर्ती राज्यों से लगे हुए क्षेत्रों में विशेष रूप से निगरानी के निर्देश सभी पुलिस अधीक्षकों को दिए गए है। जिन जिलों में एयरपोर्ट का संचालन होता है और बाहरी राज्यों से आने वाले यात्रियों की कोरोना की जांच एवं विस्तृत जानकारी एयरपोर्ट पर ही प्राप्त करने के निर्देश दिए गए है। ऐसे स्थानों पर पुलिस बल की पर्याप्त व्यवस्था रखने कहा गया है। जिलों में तैनात पैरा मिलिट्री और पुलिस के जवानों का टीकाकरण अनिवार्य रूप से कराने कहा गया है। आगामी दिनों में आयोजित होने वाले स्कूली और महाविद्यालयीन परीक्षाओं के लिए तैयार किए गए परीक्षा केन्द्रों में सुरक्षा के सभी उपायों का पालन सुनिश्चित कराने कहा गया है।

जेलों में निरूद्ध कैदियों के पैरोल अवकाश पर जाने संबंधित आवेदनों का निराकरण निर्धारित समय-सीमा के भीतर करने और इन प्रकरणों की नियमित समीक्षा करने कहा गया है। ग्रीष्म ऋतु में ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में निस्तार और पेयजल के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो इसके लिए  कार्ययोजना बनाकर त्वरित क्रियान्वयन करने कहा गया है। इसके लिए गर्मी के समय पानी के स्तर में कमी वाले जगहों का ग्राम एवं वार्डवार चिन्हांकन करने और पेयजल आपूर्ति के समस्त साधनों की सफाई एवं मरम्मत प्रारंभ करने कहा गया है। पीलिया से बचाव के लिए रणनीति बनाकर पेयजल की पाईप लाइनों की मरम्मत और नए पाईप लाइन बिछाने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए है। गर्मी के समय में किसी भी प्रकार के संक्रामक रोगो से बचाव के लिए जरूरी जीवन रक्षक दवाईयों की उपलब्धता स्वास्थ्य केन्द्रों, मितानिनों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के पास सुनिश्चित करने कहा गया है। गर्मी के समय में धान की उपज न लेने के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने कहा गया है। राज्य में स्थापित गौठानों को स्वावलम्बी गौठानों के रूप में विकसित करने के लिए गौठान समितियों और उनसे जुड़े स्वसहायता समूहों को विभिन्न आय उपार्जक गतिविधियों से जोड़ने कहा गया है। साथ ही सभी गौठानों में निर्मित हो रहे वर्मी कम्पोस्ट खाद के शत-प्रतिशत विक्रय के माध्यम से प्राप्त हो रहे राशि का वितरण गौठान समितियों और स्वसहायता समूहों को करने के निर्देश दिए गए है। आगामी वर्षा ऋतु में वृक्षारोपण के लिए कार्ययोजना बनाकर उसका क्रियान्वयन करने कहा गया है। इसके लिए वृक्षारोपण की जगह, वृक्षारोपण का समय, लगाए जाने वाले पौधों की प्रजाति, उनके सुरक्षा के उपाय, पिछले वृक्षारोपण में लगाए गए पौधों की वर्तमान स्थिति, नवीन तकनीकों के माध्यम से वृक्षारोपण की मॉनिटरिंग, रोड साईड प्लांटेशन, राम वन गमन पथ वृक्षारोपण, नदी तट पर वृक्षारोपण और सामुदायिक वनाधिकार के जमीनों पर वृक्षारोपण जैसे बिन्दुओं को शामिल करने की समझाईस दी गयी है। श्री जैन ने कहा है कि बड़े पैमाने पर फलदार पौधों का वृक्षारोपण किया जाए। और इनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी स्वसहायता समूहों को सौपी जाए।

स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मिडियम स्कूल की समीक्षा करते हुए श्री जैन ने कहा है कि चालू शिक्षण सत्र में 52 सरकारी अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों का संचालन किया जा रहा है। आगामी शिक्षण सत्र से 119 नए स्कूल संचालित होंगे। इसके लिए सभी जरूरी व्यवस्था जुटाने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाए। नरवा योजना के तहत स्वीकृत कार्यों की समीक्षा करते हुए श्री जैन ने कहा है कि वित्तीय वर्ष 2020-21 में स्वीकृत सभी कार्य निर्धारित समयावधि में पूरे कर लिए जाए। नए वित्तीय सत्र में कराए जाने वाले कार्यों का चिन्हांकन करके उनकी स्वीकृति की कार्यवाही पूरी कर ली जाए। नरवा योजना के तहत ज्यादा से ज्यादा श्रम आधारित काम स्वीकृत करने कहा गया है। इसके साथ ही योजना के तहत अब तक किए गए कार्यो से क्षेत्र के नागरिकों को हुए फायदों की जानकारी शासन को भेजने कहा गया है। सभी शासकीय भवनों में वर्षा जल के संरक्षण के लिए रूफ वॉटर हार्वेस्टिंग के कार्य अनिवार्य रूप से किए जाने के निर्देश दिए गए है। श्री जैन ने कहा है कि नए निर्मित हो रहे शासकीय भवनों के साथ निजी भवनों में भी रूफ वॉटर हार्वेस्टिंग के कार्यों की मॉनिटरिंग कलेक्टरों द्वारा की जाएगी। बैठक में कस्टम मिलिंग हेतु अनुबंध एवं धान के उठाव में तेजी लाने के निर्देश कलेक्टरों को दिए गए है।

बैठक में अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री, गृह एवं जेल श्री सुब्रत साहू, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण श्रीमती रेणु जी पिल्ले, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. आलोक शुक्ला, प्रमुख सचिव वन श्री मनोज पिंगुआ सहित संबंधित विभागों के सचिव स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।