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अमरावती की घटना का अजमेर तक असर , बंद में शामिल हुए हिंदू- मुस्लिम दवा विक्रेता

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अमरावती और उदयपुर दोनों घटनाओं को लेकर राजस्थान के अजमेर जिले में बंद रखा गया। इस दौरान हिंदु- मुस्लिम दवा विक्रेताओं ने अपनी दुकाने बंद रखी गई।

अजमेर: राजस्थान के अजमेर जिले का सरवाड़ भी रविवार को पूरी तरह बंद रहा। यहां अमरावती और उदयपुर दोनों घटनाओं को लेकर बंद का आह्वान किया गया था। बंद के चलते कोई भी दुकान यहां नहीं खुली और लोग चाय पीने तक को तरस गए। हालांकि बंद के दौरान पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। वहीं मामले में पुलिस प्रशासन

पुलिस और प्रशासन रहा अलर्ट
सरवाड़ में दवा विक्रेता संघ और हिंदू संगठनों की ओर से रविवार को बंद का आह्वान किया गया। इसमें हर धर्म, समुदाय के लोगों ने समर्थन दिया। सुबह से ही कोई भी दुकानें नहीं खुली और बंद का असर नजर आया। क्षेत्र में कहीं भी जोर आजमाइश के साथ दुकान बंद करवाने का मामला भी सामने नहीं आया।वहीं बंद के मद्देनजर पुलिस और प्रशासन भी अलर्ट रहा।

प्रशासनिक अधिकारियों ने किया फ्लैग मार्च
सरवाड़ बंद के दौरान उपखंड अधिकारी सुभाष चन्द्र, डीएसपी खीव सिंह , तहसीलदार राम कल्याण , सरवाड़ थानाधिकारी गुमान सिंह, सावर थानाधिकारी आशुतोष पांडे, नसीराबाद सदर थानाधिकारी राजेश मीणा ने फ्लैग मार्च भी किया। साथ ही आमजन से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील भी की। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने शांतिपूर्ण बाजार बंद होने की जानकारी भी मीडिया को दी।

अमरावती घटना क्या है
दरअसल महाराष्ट्र के अमरावती जिले में 22 जून को एक 50 साल के दवा विक्रेता शख्स की गला काट कर हत्या कर दी गई थी। इस घटना को उदयपुर जैसी घटना आतंकी घटना बताई जा रहा है। इस मामले की जांच में NIA अभी जांच कर रही है।