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राज्यपाल श्री पटेल अपराधियों के विरूद्ध कठोरतम कार्रवाई जाए

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 मध्यप्रदेश राज्यपाल द्वारा अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की समीक्षा

राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम में अपराधियों के विरूद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाए। कार्रवाई ऐसी हो जिससे गुनाहगार को सबक मिलें। अपराधियों में भय का वातावरण निर्मित हो। राज्यपाल श्री पटेल आज राजभवन में अधिनियम के क्रियान्वयन की समीक्षा कर रहे थे।

राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि अधिनियम में पंजीबद्ध प्रकरणों में अनुसंधान की गुणवत्ता के साथ ही समय-सीमा निर्धारित कर फास्ट ट्रैक में कार्रवाई सुनिश्चित की जाना चाहिए। राज्यपाल श्री पटेल ने अधिनियम के समुचित क्रियान्वयन के लिए स्थापित आधारभूत व्यवस्था और क्रियान्वयन की जानकारी भी प्राप्त की। बताया गया कि अधिनियम में अपराधों के अनुसंधान, अभियोजन और दंडात्मक कार्रवाई की कई स्तरों पर समीक्षा की जाती है। अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को दृष्टिगत रखते हुए प्रत्येक अजाक थाना को एक-एक वीडियो कैमरा उपलब्ध करवाया है। पुलिस कर्मचारियों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति वर्ग के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने के लिए सेमिनार एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम किए जाते हैं। प्रदेश में अजाक रेंज स्तर पर दो दिवसीय 14 प्रशिक्षण शिविर में लगभग 700 और जिला स्तर पर दो दिवसीय 60 प्रशिक्षण शिविर में लगभग 3500 पुलिस अधिकारी को अनुसूचित जाति, जनजाति वर्गों के प्रति संवेदनशीलता, अनुसंधान और राहत कार्य आदि का प्रशिक्षण दिया गया। समाज के सभी वर्गों में समरसता लाने के लिए समय-समय पर जन-चेतना शिविर भी लगाए जाते हैं। राज्य एवं जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समितियों की नियमित बैठक, नोडल अधिकारियों की प्रत्येक तिमाही समीक्षा और साक्षी संरक्षण योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया गया है। अत्याचार से प्रभावित क्षेत्रों को परिलक्षित क्षेत्र घोषित करने और हॉट स्पॉट का चिन्हांकन कर अपराध नियंत्रण के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाती है।

जनजातीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष श्री दीपक खांडेकर, अपर मुख्य सचिव गृह डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव विधि एवं विधाई श्री बी.के. द्विवेदी, राज्यपाल के प्रमुख सचिव श्री डी.पी. आहूजा, पुलिस महानिदेशक श्री सुधीर सक्सेना एवं अन्य अधिकारी मौजूद थे।