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जानिए कौन हैं दिनेश खटीक, योगी सरकार के मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद बढ़ी चर्चा

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: योगी आदित्यनाथ सरकार में दूसरी बार मंत्री बने दिनेश खटीक इस्तीफे की वजह से चर्चा में हैं। वे मेरठ के हस्तिनापुर विधानसभा सीट से दूसरी बार जीत दर्ज कर विधानसभा पहुंचे हैं।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मेरठ (Meerut) के हस्तिनापुर विधानसभा सीट (Hastinapur Assembly Seat) से विधायक चुने गए दिनेश खटीक (Dinesh Khatik) को दूसरी बार प्रदेश सरकार में मंत्री बनाया गया है। योगी सरकार के पहले कार्यकाल के दौरान यूपी चुनाव 2022 से पहले हुए मंत्रिमंडल विस्तार में उन्हें मंत्री बनाया गया था। योगी सरकार के पहले कार्यकाल में 26 सितंबर 2021 को उन्हें जल शक्ति और बाढ़ नियंत्रण राज्य मंत्री बनाया गया। योगी सरकार 2.0 में भी उन्हें जल शक्ति राज्य मंत्री बनाया गया। हालांकि, इस बार सरकार के 100 दिन पूरे होने के बाद उनके काम का बंटवारा नहीं किया गया था। दलित समाज से आने वाले दिनेश खटीक काम का बंटवारा न होने और अफसरों के रवैये से नाराज बताए जा रहे हैं। इस्तीफे की खबरों के बीच मीडिया के सामने आए मंत्री ने कहा कि यह कोई विषय नहीं है।

दिनेश खटीक का परिवार संघ से जुड़ा रहा है। ऐसे में वे सीधे पार्टी या नेता पर कोई हमला नहीं कर रहे हैं। उन्होंने अपनी नाराजगी से संबंधित पत्र केंद्रीय गृह मंत्री को लिखा है। इसमें विस्तार से उन्होंने पूरे मामले को रखा है। दिनेश खटीक का जन्म 11 अगस्त 1977 को मेरठ में हुआ था। 44 वर्षीय दिनेश खटीक मवाना थाना क्षेत्र के कस्बा फलावदा के रहने वाले हैं। उन्होंने 2017 के विधानसभा चुनाव में हस्तिनापुर सीट से जीत हासिल कर यहां का इतिहास बरकरार रखा था। दिनेश खटीक ने 2017 के विधानसभा में बसपा प्रत्याशी योगेश वर्मा को हराया था।

संघ से जुड़ा रहा है परिवार
दिनेश खटीक का परिवार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे हैं। वे संघ के कार्यकर्ता भी रहे हैं। उनके पिता भी आरएसएस से जुड़े हुए थे। दिनेश खटीक को एक बेटी और एक बेटा है। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत भाजपा से ही की। उनके भाई नितिन खटीक जिला पंचायत सदस्य रह चुके हैं। सक्रिय में राजनीति में आने के बाद से उन्होंने हस्तिनापुर विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और वहां से लगातार दो बार से विधायक हैं। वर्ष 2017 में पहली बार दिनेश खटीक ने बहुजन समाज पार्टी के योगेश वर्मा को 36,062 वोटों से हराया था। उन्हें 99,436 वोट मिले। वहीं, बसपा के योगेश वर्मा को 63,374 वोट हासिल हुए थे।

वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में योगेश वर्मा बसपा से सपा में चले गए। इसके बाद भी कांटे की टक्कर में हस्तिनापुर सीट पर दिनेश खटीक ने जीत दर्ज की। दिनेश खटीक ने 7312 वोटों से जीत दर्ज की। यूपी चुनाव 2022 में दिनेश खटीक को 1,07,587 वोट और सपा के योगेश वर्मा को 1,00,275 वोट मिले थे। लगातार दूसरी जीत के बाद उन्हें योगी सरकार में मंत्री बनाया गया, लेकिन इसके बाद से ही वे लगातार नाराज दिख रहे हैं।

क्षेत्र में कार्यों से बनाई है पहचान
दिनेश खटीक ने क्षेत्र में अपने कार्यों से अपनी पहचान बनाई है। प्राचीन नगरी में विकास के कई बड़े कार्य उन्होंने किए। खादर क्षेत्र को बाढ़ से सुरक्षित बचाने के लिए उन्होंने सीएम योगी से मुलाकात कर 18 करोड़ की दो परियोजनाओं को पास कराया। इसके अलावा उन्होंने हस्तिनापुर में राजकीय बालिका डिग्री कॉलेज का निर्माण कराया। कस्बे के समीप श्री मालीपुर गौआश्रय स्थल बनवाया है। उनके कार्यों पर क्षेत्र की जनता भी मुहर लगाती है।

चंडीगढ़ की तर्ज पर विकास का सपना
दिनेश खटीक हस्तिनापुर को चंडीगढ़ की तर्ज पर विकसित करने की बात कर चुके हैं। महाभारत कालीन इस नगरी को विकासशील कस्बों की श्रेणी में शामिल कराने का दावा करते रहे हैं। उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकता है कि यहां विकास की गंगा बहे। विकास योजनाओं के साथ-साथ गन्ना किसानों के हित में भी कई कदम उठाए गए। हालांकि, योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल में मंत्री बनने के बाद से भी पावर उनके हाथ में नहीं आ पाया। ऐसे में उनकी नाराजगी बढ़ी हुई है।