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हमें जीवन जीने की कला सिखाते हैं भगवान श्रीकृष्ण के उपदेश : मुख्यमंत्री श्री बघेल 

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राजधानी के गुढ़ियारी में आयोजित श्रीकृष्ण जन्मोत्सव एवं दही हांडी उत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री

दही हांडी प्रतियोगिता में शामिल प्रतिभागी हुए पुरस्कृत  

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर राजधानी के श्रीनगर रोड गुढ़ियारी स्थित मैदान में आयोजित श्रीकृष्ण जन्मोत्सव एवं दही हांडी उत्सव में शामिल हुए। वे इस दौरान दही हांडी फोड़कर भगवान श्रीकृष्ण से प्रदेशवासियों की खुशहाली एवं समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने यहां दही हांडी प्रतियोगिता में शामिल प्रतिभागियों को पुरस्कृत भी किया। 

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का हमारे सनातन संस्कृति में महत्वपूर्ण स्थान है। इस पवित्र परंपरा के अनुरूप देश और दुनिया में आज श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने आगे कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने गीता के माध्यम से जो महत्वपूर्ण शिक्षा दी है, उसे हम सबको आत्मसात करने की जरूरत है। उन्होंने जिन बातों का उपदेश दिया, उन्हें स्वयं भी जीया। वे सही मायने में हमें जीवन जीने की कला सिखाते हैं। भगवान श्रीकृष्ण ने सबसे बड़ी शिक्षा भी दी थी कि अधर्म और अन्याय के खिलाफ युद्ध करना ही धर्म है। 

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण को हम हमेशा प्रकृति के बीच पाते हैं। ऐसे में आज उनके जन्मोत्सव के अवसर पर हमारी सरकार ने प्रदेश में धार्मिक, संास्कृतिक, पर्यावरणीय महत्व के वृक्षों को सहेजने के लिए और उनसे निकटता बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण ‘कृष्ण कुंज’ योजना की शुरूआत की है। ‘कृष्ण कुंज’ के माध्यम से आने वाली पीढ़ी प्रकृति और पेड़ों के महत्व को सहजता से समझ सकेंगे और उन्हें बचाए रखने के लिए प्रेरित भी होंगे। कार्यक्रम को संसदीय सचिव श्री विकास उपाध्याय तथा विधायक श्री सत्यनारायण शर्मा ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर विधायक श्रीमती अनिता योगेन्द्र शर्मा तथा वरिष्ठ नागरिक सर्वश्री सुंदर जोगी, बसंत अग्रवाल और बड़ी संख्या में श्रद्धालुगण उपस्थित थे।