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देश की हवाई सीमा को सुरक्षित रखने की कवायद, क्विक रियेक्शन सर्फेस टू एयर मिसाइल सिस्टम का सफल टेस्ट

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डीआरडीओ और भारतीय सेना ने क्विक रियेक्शन सर्फेस टू एयर मिसाइल सिस्टम (QRSAM) के 6 फ़्लाइट टेस्ट को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है. ओडिशा तट के पास चांदीपुर इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से ये परिक्षण किया गया.

हाइलाइट्स

क्विक रियेक्शन सर्फेस टू एयर मिसाइल सिस्टम के के 6 सफल टेस्ट किए गए.
ओडिशा तट के पास चांदीपुर इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से ये परिक्षण किया गया.
ये टेस्ट दिन और रात दोनों समय में अंजाम दिए गए.

नई दिल्ली. डीआरडीओ और भारतीय सेना ने क्विक रियेक्शन सर्फेस टू एयर मिसाइल सिस्टम (QRSAM) के 6 फ़्लाइट टेस्ट को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है. ओडिशा तट के पास चांदीपुर इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से ये परिक्षण किया गया. ये भारतीय सेना का इवैल्यूशन ट्रायल है. इस टेस्ट को अलग-अलग तरह के हाई स्पीड एरियल टार्गेट पर अंजाम दिया गया. जिनमें जिसमें लंबी दूरी की मध्यम ऊंचाई, छोटी दूरी, उच्च ऊंचाई वाले पैंतरेबाजी वाले लक्ष्य, लो रडार सिग्नेचर और साल्वो लांच मिसाइल फायर जैसे टार्गेट शामिल किए गए थे. ये टेस्ट दिन और रात दोनों समय में अंजाम दिए गए. ये परिक्षण तय किए गए मानको पर खरे उतरे हैं.

इन परीक्षणों के दौरान सभी मिशन उद्देश्यों को हथियार प्रणाली की पिन-पॉइंट सटीकता स्थापित करने के लिए अत्याधुनिक मार्गदर्शन और वारहेड चेन सहित कंट्रोल एल्गोरिदम के साथ पूरा किया गया था. आईटीआर द्वारा तैनात टेलीमेट्री, रडार और इलेक्ट्रो ऑप्टिकल ट्रैकिंग सिस्टम (ईओटीएस) जैसे कई रेंज उपकरणों द्वारा कैप्चर किए गए डेटा से सिस्टम के प्रदर्शन की पुष्टि की गई है.

हाइलाइट्स

क्विक रियेक्शन सर्फेस टू एयर मिसाइल सिस्टम के के 6 सफल टेस्ट किए गए.
ओडिशा तट के पास चांदीपुर इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से ये परिक्षण किया गया.
ये टेस्ट दिन और रात दोनों समय में अंजाम दिए गए.

नई दिल्ली. डीआरडीओ और भारतीय सेना ने क्विक रियेक्शन सर्फेस टू एयर मिसाइल सिस्टम (QRSAM) के 6 फ़्लाइट टेस्ट को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है. ओडिशा तट के पास चांदीपुर इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से ये परिक्षण किया गया. ये भारतीय सेना का इवैल्यूशन ट्रायल है. इस टेस्ट को अलग-अलग तरह के हाई स्पीड एरियल टार्गेट पर अंजाम दिया गया. जिनमें जिसमें लंबी दूरी की मध्यम ऊंचाई, छोटी दूरी, उच्च ऊंचाई वाले पैंतरेबाजी वाले लक्ष्य, लो रडार सिग्नेचर और साल्वो लांच मिसाइल फायर जैसे टार्गेट शामिल किए गए थे. ये टेस्ट दिन और रात दोनों समय में अंजाम दिए गए. ये परिक्षण तय किए गए मानको पर खरे उतरे हैं.

इन परीक्षणों के दौरान सभी मिशन उद्देश्यों को हथियार प्रणाली की पिन-पॉइंट सटीकता स्थापित करने के लिए अत्याधुनिक मार्गदर्शन और वारहेड चेन सहित कंट्रोल एल्गोरिदम के साथ पूरा किया गया था. आईटीआर द्वारा तैनात टेलीमेट्री, रडार और इलेक्ट्रो ऑप्टिकल ट्रैकिंग सिस्टम (ईओटीएस) जैसे कई रेंज उपकरणों द्वारा कैप्चर किए गए डेटा से सिस्टम के प्रदर्शन की पुष्टि की गई है.