Home छत्तीसगढ़ सूरजपुर : 25 अकार्यशील सहकारी समितियों का पंजीयन निरस्त

सूरजपुर : 25 अकार्यशील सहकारी समितियों का पंजीयन निरस्त

All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0004
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0001
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0002
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0003

सूरजपुर फरवरी 2023

उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं सूरजपुर के जानकारी अनुसार छत्तीसगढ़ सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 के अंतर्गत 25 अकार्यशील सहकारी समितियों का पंजीयन, परिसमापक के अंतिम प्रतिवेदन के आधार पर निरस्त कर दिया गया है। जो इस प्रकार है खनिज सहकारी समिति मर्यादित पवनपुर, खनिज सहकारी समिति मर्यादित चंद्रपुर, ग्रामीण गौण खनिज सहकारी समिति मर्यादित बड़सरा, नवयुवक खनिज सहकारी समिति मर्यादित फुलकोना, लघु रेत खनिज सहकारी समिति मर्यादित कल्याणपुर, कोईली जूर खनिज सहकारी समिति मर्यादित करतमा, खनिज सहकारी समिति मर्यादित पंपापुर, त्रिवेणी खनिज सहकारी समिति मर्यादित अक्षयपुर, आदर्श खनिज सहकारी समिति मर्यादित केतका, खनिज उत्खनन सहकारी समिति मर्यादित बेलटिकरी, खनिज सहकारी समिति मर्यादित ओड़गी, बुढादेव खनिज सहकारी समिति मर्यादित रामनगर, खोहनाला खनिज सहकारी समिति मर्यादित पहाड़गांव, दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति मर्यादित छापरापारा, दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति मर्यादित पंपापुर, जय माँ लक्ष्मी दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति मर्यादित सिलफिली, जय लक्ष्मी दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति मर्यादित लटोरी, दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति मर्यादित सोनपुर, दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति मर्यादित बिरमताल, बहु उद्देशीय सहकारी समिति मर्यादित कुम्दाबस्ती, दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति मर्यादित सिरसी, दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति मर्यादित जूर, आदर्श गौण खनिज सहकारी समिति मर्यादित सलका, पिलखा खनिज सहकारी समिति मर्यादित पण्डोनगर, प्राथमिक खनिज सहकारी समिति मर्यादित पिवरी। 
    इसके साथ ही जिले की 33 अन्य पंजीकृत सहकारी समितियों को चिन्हित कर परिसमापन की कार्यवाही प्रारंभ की गयी है जो लंबे समय से अकार्यशील है, सदस्यों द्वारा संस्था के कार्य संचालन, उद्देश्यों की पूर्ति हेतु कोई रूचि नही ली जा रही है, तथा भविष्य में ऐसी समितियों के कार्यशील होने की संभावना भी नहीं है। सूचना में समितियों के सदस्यों लेनदारों एवं देनदारों से दावा एवं आपत्ति प्रस्तुत करने हेतु कहा गया है, दावा एवं आपत्ति के निराकरण के उपरांत परिसमापकों से अंतिम प्रतिवेदन प्राप्त कर पंजीयन निरस्त कर दिया जावेगा।