Home छत्तीसगढ़ जिला प्रशासन की बुलडोजर कार्यवाही महज 24 घंटे में हुई बेअसर, प्लाट...

जिला प्रशासन की बुलडोजर कार्यवाही महज 24 घंटे में हुई बेअसर, प्लाट कटुआ गिरोह ने ध्वस्त किए रोड को बनाना कर दिया प्रारंभ अगर कार्यवाही में ईमानदारी है तो तत्काल हो सभी रजिस्ट्रियां शून्य

IMG-20251011-WA0045
IMG-20250614-WA0035
IMG-20250614-WA0034
IMG-20250614-WA0033
IMG-20250614-WA0032
IMG-20250614-WA0030
IMG-20250614-WA0031
IMG-20250614-WA0029
IMG-20250614-WA0028

IMG-20240704-WA0019
IMG-20220701-WA0004
WhatsApp-Image-2022-08-01-at-12.15.40-PM
1658178730682
WhatsApp-Image-2024-08-18-at-1.51.50-PM

मनीष शर्मा मुंगेली। 11 जुलाई मतलब ठीक 24 घंटे पहले जिला प्रशासन मुंगेली की तरफ से तहसीलदार, नगरपालिका अधिकारी, राजस्व निरीक्षक सहित राजस्व विभाग व नगरपालिका के अन्य अधिकारी- कर्मचारी की उपस्थिति में अवैध प्लॉटिंग पर कार्यवाही करते हुए दावेदारी से कर्तव्यपरायणता का परिचय देते हुए बुलडोजर चलाया गया था। मगर कहीं अचानक पीछे दरवाजे से मिले ग्रीन सिग्नल के बाद बुलडोजर कार्यवाही महज सफेद हाथी क्योंकि जितने भी अवैध कालोनी में बुलडोजर चलाया गया वह केवल दिखावे कार्यवाही मानी जा रही हैं, क्योंकि सभी जगह के प्लाट में केवल कुछ गड्ढे कर और कुछ जगह के बोर्ड हटा कार्यवाही की गई, परंतु सबसे विवादित और बड़े अवैध प्लाटिंग जो कि रायपुर रोड में एसएनजी कालेज के सामने की जा रही हैं वहाँ सामने लगा बोर्ड शायद कार्यवाही करने गई टीम को नजर नहीं आया, या यूं कहें कि अधिकारी इस बोर्ड को हटाने साहस नहीं जुटा पाये और यहाँ 3-4 गड्ढे कर औपचारिक कार्यवाही कर दी गई।आपको बता दे कि कलेक्टर राहुल देव के निर्देशानुसार शहर व शहर के आसपास अनियमित प्लाटिंग करने वालों के विरूद्ध राजस्व विभाग व नगरपालिका की संयुक्त टीम द्वारा कार्यवाही की गई थी, परंतु इस कार्यवाही को 24 घंटे भी नहीं हुए और रायपुर रोड एसएनजी कॉलेज के सामने किये गए कार्यवाही को ठेंगा दिखाते हुए भूमाफियाओं ने अधिकारियों द्वारा ध्वस्त किये गये गड्डे को आज समतल कर दिया गया। इससे लोग आश्चर्यचकित हैं कि इस अवैध प्लॉटिंग के भूमाफिया ने जिला प्रशासन को चेलेंज करते हुए गड्डा कैसे पाट दिया ? या किसी अधिकारी द्वारा उन्हें सहमति दी हैं। ? यह समझ से बाहर हैं पर अब इस मामले में कलेक्टर और एसडीएम को संज्ञान लेते हुए इस भूमाफिया के खिलाफ तत्काल थाने में रिपोर्ट दर्ज करानी चाहिए, और वहाँ की सामग्रियों को जप्त किया जाना चाहिए। ऐसा नही करने पर जिला प्रशासन की ही बदनामी होगी।