Home छत्तीसगढ़ पांच लाख पार्थिव शिव लिंग का हुआ महाअभिषेक ,ग्यारह हजार रूद्राक्ष से...

पांच लाख पार्थिव शिव लिंग का हुआ महाअभिषेक ,ग्यारह हजार रूद्राक्ष से भगवान शिव का हुआ श्रृंगार ,नर्मदा नदी मे प्रवाहित होगी मिट्टी से बने पार्थिव शिव लिंग

All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0004
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0001
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0002
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0003
IMG-20240704-WA0019
IMG-20220701-WA0004
WhatsApp-Image-2022-08-01-at-12.15.40-PM
1658178730682
WhatsApp-Image-2024-08-18-at-1.51.50-PM

बिलासपुर / रतनपुर श्री सिद्ध तंत्र पीठ भैरव मंदिर के महंत पंडित जागेश्वर अवस्थी ने बताया सावन माह में 131 पाठ रुद्रा ष्टाध्याई का नमक चमक विधि से किया गया है | प्रदेश सहित अन्य प्रदेश के श्रद्धालुओं ने श्रवण के दौरान मंदिर में चल आयोजन में शामिल हुए और अपनी कामनाओं की पूर्ति के लिए शिव भक्तों ने शिवलिंग का निर्माण कर रुद्राभिषेक और रुद्र महायज्ञ में भी शामिल हुए | यह आयोजन का मुख्य उद्देश्य जनकल्याण एवं विश्व कल्याण के भावना के साथ हर वर्ष कराई जाती है |

इस बार दो माह की श्रवण होने की वजह से शिवलिंग निर्माण की संख्या भी बढ़ा दी गई थी इससे पहले हर वर्ष मंदिर परिसर में सवा लाख पार्टी शिवलिंग का निर्माण कराया जाता था एवं शिव महापुराण का भी आयोजन किया जाता था लेकिन इस बार संजोग बना की पुरुषोत्तम मास के साथ दो माह का श्रवण था इस लिए शिवलिंग निर्माण की संख्या बढ़कर 5 लाख कर दी गई थी जिसमें श्रद्धालुओं के अटूट भी देखी गई हर दिन 15 से 20 हजार की संख्या में शिवलिंग का निर्माण हो रहा था

मंगलवार को सवा लाख चावल भगवान शिव को किए जाएंगे अर्पित

कई अखाड़े के नागा साधु हर रोज पहुंच रह थे जो पार्थिव शिव लिंग बनाकर भगवान शिव का पूजन किया सैकड़ो की संख्या में आते थे नंगा साधु की टोली पांच लाख शिव लिंग का शोडंसो उपचार से पूजन अर्चना कर भगवान भोलेनाथ को फल मिस्ठान दाल चावल सब्जी आदि का भोग लगाकर प्रसाद वितरण किया गया नागा साधु धर्माचार्य ग्रहण भी प्रसाद ग्रहण किए |

11000 रुद्राक्ष से भगवान शिव का श्रृंगार किए गए

भगवान भोलेनाथ को अर्पित किए गए 11 हजार रुद्राक्ष की माला से भगवान की दिव्य सिंगार करके पूजन एवं हवन किए गए | इस आयोजन के मुख्य आचार्य पंडित गिरधारी लाल पांडे ने वैदिक रीति-रिवाज से अनुष्ठान को संपन्न कर रहे हैं सहयोगी आचार्य के रूप में पं कान्हा शास्त्री,पं दिलीप दुबे पंडित राजेंद्र दुबे पं महेश्वर पांडे दीपक अवस्थी राजन तिवारी आदि कार्यक्रम को बनाने जुटे हुए हैं