Home छत्तीसगढ़ सामाजिक बहिष्कार करना मानव के संवैधानिक कानून में मानव अधिकारों का हनन...

सामाजिक बहिष्कार करना मानव के संवैधानिक कानून में मानव अधिकारों का हनन है – डॉ किरणमयी नायक

All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0004
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0001
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0002
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0003

आज जांजगीर में बिलासपुर संभाग के महिला आयोग के संभाग स्तरीय कार्यालय का फीता काटकर किया उद्घाटन

छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने की प्रकरणों की सुनवाई

   जांजगीर-चांपा - छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक एवं सदस्य श्रीमती अर्चना उपाध्याय ने आज कलेक्टर सभाकक्ष में महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रकरणों पर सुनवाई की। महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में आज 228 वीं व जिला स्तर पर 08 वीं सुनवाई हुई। जांजगीर जिले में आयोजित जनसुनवाई में कुल 32 प्रकरण रखे गये। जिनमें 06 केस में सुनवाई की गयी, 09 केस नस्तीबद्ध किये गये, 02 केस की सुनवाई रायपुर में की जावेगी। सामाजिक बहिष्कार संबंधी मामले में महिला आयोग की सदस्य श्रीमती अर्चना उपाध्याय तथा सखी सेंटर की केन्द्र प्रशासक तथा प्रोटेक्शन आफिसर श्रीमती अनुपमा सिंह कवंर को जिम्मेदारी दी गयी कि आवेदिका के गांव मे औचक निरीक्षक कर स्थ्तिि स्पष्ट करने का आदेश दिया गया। अन्य मामले में पति-पत्नी का साथ जीवन यापन करना संभव नहीं है। आपसी राजीनामा से तलाक लेना चाहते हैं। आपसी तलाक हेतु उपयुक्त सलाह एवं वकील देने हेतु सखी सेन्टर को निर्देशित किया गया। एक अन्य मामले में दोनों पक्षों को सुना गया जिसमे ंआवेदिका के पिता ने पामगढ़ थाने में धारा 363 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराया था उसके पश्चात आवेदिका के द्वारा 354घ, 509क आईपीसी के तहत थाना जांजगीर में प्रकरण दर्ज करायी गयी। चूंकि दो दो मामले पुलिस के विवेचना में आ चुके हैं इसलिए प्रकरण नस्तीबद्व किया गया। अन्य मामलों में प्रकरण न्यायालयों में प्रक्रियाधीन होने के कारण प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ किरणमयी नायक ने आज जांजगीर में महिला आयोग के संभाग स्तरीय कार्यालय का फीता काटकर उद्घाटन किया।