Home छत्तीसगढ़ पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल उर्फ बिट्टू की गिरफ्तारी...

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल उर्फ बिट्टू की गिरफ्तारी के 3 दिन बाद, @dir_ed रायपुर जोनल कार्यालय ने Rs 3,200 करोड़ के शराब घोटाले में सनसनीखेज खुलासे करते हुए अफवाहों और राजनीतिक बयानबाजियों पर विराम लगा दिया है।

All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0004
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0001
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0002
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0003

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल उर्फ बिट्टू की गिरफ्तारी के 3 दिन बाद, @dir_ed रायपुर जोनल कार्यालय ने Rs 3,200 करोड़ के शराब घोटाले में सनसनीखेज खुलासे करते हुए अफवाहों और राजनीतिक बयानबाजियों पर विराम लगा दिया है।

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में गिरफ्तार पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को कल याने मंगलवार को विशेष कोर्ट में ईडी पेश करेगी। ईडी रिमांड अवधि बढ़ाने का आग्रह कर सकती है । इससे पहले ईडी ने एक प्रेस नोट जारी कर कहा है कि चैतन्य इस घोटाले में 16.70 करोड़ रुपए मिले थे। और उसने इसे रियल एस्टेट कंपनियों में निवेश किया था। यह रकम नगद में ही लिया था।

आज तीन आरोपियों को किया गया गिरफ्तार
शराब घोटाले मामले में EOW ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। EOW ने पेशे से CA संजय कुमार मिश्रा, मनीष मिश्रा और अभिषेक सिंह को गिरफ्तार किया है। संजय मिश्रा पेशे से CA हैं और उनका नाम शराब घोटाले और कोल घोटाले से जुड़ी वित्तीय गड़बड़ियों में सामने आया है। इन पर आरोप है कि, संजय और मनीष ने नेक्स्टजेन पावर कंपनी बनाई और एफएल 10 लाइसेंस लेकर राज्य में महंगी ब्रांडेड अंग्रेजी शराब की सप्लाई करते थे। उन्होंने घोटालों से प्राप्त अवैध धन को वित्तीय लेन-देन के जरिए वैध दिखाने का काम किया। वहीं, मनीष मिश्रा उनके भाई हैं। दोनों को पूर्व सीएम भूपेश बघेल, चैतन्य बघेल और कारोबारी अनवर ढेबर का करीबी बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, छापेमारी के दौरान घोटालों से जुड़े कई अहम दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। हालांकि ईओडब्ल्यू की ओर से इस मामले में अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।