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अन्नपूर्णा मुहिम बनी सहारा — लोरमी ब्लॉक के खाम्ही गांव की लता निषाद को मिली जीवनदायिनी सहायता।

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मुंगेली । जीवन की कठिन परिस्थितियों से जूझ रही मुंगेली जिले की एक असहाय महिला को राहत की सांस मिली है। लोरमी विकासखंड के ग्राम खाम्ही निवासी लता निषाद (32 वर्ष) को संत रामपाल जी महाराज जी द्वारा संचालित “अन्नपूर्णा मुहिम” के तहत राहत सामग्री प्रदान की गई। यह सहयोग उनके और उनके तीन नन्हे बच्चों के जीवन में नई उम्मीद लेकर आया है। जानकारी के अनुसार, लता निषाद के पति का निधन लगभग 13 माह पूर्व हो गया था। तब से ही वह तीन बच्चों — मानषु निषाद (कक्षा 7वीं), वासु निषाद (कक्षा 6वीं) और पंकज निषाद (कक्षा 4वीं) — के साथ किसी तरह जीवनयापन कर रही हैं। परिवार की पूरी जिम्मेदारी उनके कंधों पर है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण लता निषाद मजदूरी और छोटी खेती के माध्यम से घर चलाती हैं। परिवार को शासन की महतारी वंदन योजना से प्रतिमाह ₹1000 की सहायता मिल रही है। उनके पास लगभग 25 डिसमिल भूमि (ससुर के नाम) है, जिस पर खेती करने की अनुमति है, जिससे सालाना करीब ₹10,000 की आमदनी होती है। 3 डिसमिल भूमि पर उनका मकान बना हुआ है। परिवार के पास न तो बैंक बैलेंस है और न ही पशुधन। शासन से मिलने वाले 35 किलो चावल से किसी तरह परिवार का पेट पल रहा है। घर में काम करने लायक अकेली लता निषाद ही हैं।अन्नपूर्णा मुहिम द्वारा मिली सहायता सामग्रीसंत रामपाल जी महाराज जी की अन्नपूर्णा मुहिम के अंतर्गत लता निषाद को राहत सामग्री के रूप में — 25 किलो पतली चावल, 5 किलो आटा, 5 किलो प्याज, 5 किलो आलू, 2 लीटर सरसों तेल, चार प्रकार की दालें, बेसन, दालिया, मसाले, नमक, 4 किलो चीनी, चाय, दूध पाउडर, नहाने और कपड़े धोने का साबुन, वॉशिंग पाउडर, कपड़े (2 साड़ी, 2 पेटीकोट, बच्चों के लिए दो-दो जोड़ी कपड़े), दो बेडशीट, सभी सदस्यों के लिए जूते-चप्पल, नई गैस सिलेंडर, चूल्हा, लाईटर, इमर्जेंसी बल्ब और दो प्लास्टिक कुर्सियां प्रदान की गईं। पता: ग्राम खाम्ही, पोस्ट खाम्ही, ब्लॉक लोरमी, जिला मुंगेली लता निषाद ने भावुक होते हुए कहा, “मेरे परिवार के लिए इतनी बड़ी दया केवल परमात्मा ही कर सकते हैं। संत रामपाल जी महाराज जी ने जो सहायता दी है, उसके लिए मैं हृदय से धन्यवाद करती हूं।”वहीं ग्राम पंचायत गोंड़खाम्ही के सरपंच रमेश मरावी ने कहा कि “अन्नपूर्णा मुहिम गरीब और असहाय परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है। संत रामपाल जी महाराज जी द्वारा किया जा रहा यह परोपकारी कार्य समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।”इस पहल ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि यदि समाज में करुणा और सेवा की भावना बनी रहे, तो कोई भी व्यक्ति भूखा या बेसहारा नहीं रहेगा। संत रामपाल जी महाराज जी की अन्नपूर्णा मुहिम निरंतर जरूरतमंद परिवारों तक राहत पहुंचा रही है और लोगों के जीवन में आशा की किरण जगा रही है।