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राज्य शोक में, मंत्री शो में — रेल हादसे के बीच गाना गाकर फंसे विवाद में आपदा प्रबंधन मंत्री, पत्रकार के पोस्ट से मचा तूफान

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राज्य शोक में, मंत्री शो में — बिलासपुर रेल हादसे के बीच मंत्री के गीत पर बवाल, वरिष्ठ खोजी पत्रकार मुकेश एस. सिंह की पोस्ट से मचा तूफान

रायपुर/बिलासपुर, 05 नवंबर।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में मंगलवार शाम हुए दर्दनाक रेल हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। लालखदान स्टेशन के पास कोरबा पैसेंजर और मालगाड़ी की टक्कर में अब तक 11 लोगों की मौत और 20 से अधिक यात्रियों के घायल होने की पुष्टि हुई है। हादसे के बाद राहत एवं बचाव कार्य पूरी रात चलता रहा।

इसी बीच, राज्य के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री टंक राम वर्मा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है, जिसमें वे जांजगीर जिले में आयोजित राज्य अलंकरण एवं रजत जयंती महोत्सव के मंच पर गीत गाते हुए दिखाई दे रहे हैं। घटना के समय पूरा प्रदेश हादसे की त्रासदी में डूबा था, लेकिन मंत्री का यह वीडियो लोगों के बीच संवेदनहीनता की मिसाल बन गया है।

इस मुद्दे को लेकर प्रदेश के वरिष्ठ खोजी पत्रकार मुकेश एस. सिंह ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट किया है। उनकी पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है। कई यूज़र्स ने मंत्री के रवैये पर सवाल उठाते हुए इसे “जनता के दर्द के प्रति असंवेदनशीलता की पराकाष्ठा” बताया है। कुछ लोगों ने तो मुकेश सिंह की पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा — “जब बिलासपुर में लाशें उठ रही थीं, तब मंत्री सुर उठा रहे थे।”

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर मंत्री के इस व्यवहार को लेकर

कई लोगों ने यह भी लिखा कि “राज्य का आपदा प्रबंधन मंत्री अगर आपदा के समय जश्न मना रहा है, तो जनता किससे उम्मीद करे?”

राजनीतिक हलकों में भी मंत्री के इस कृत्य को लेकर नाराजगी जताई जा रही है। विपक्षी दलों ने इसे सरकार की नैतिक और प्रशासनिक विफलता बताते हुए मंत्री से इस्तीफे की मांग की है।

वहीं दूसरी ओर, बिलासपुर रेल हादसे के घायलों का इलाज जारी है। रेलवे प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को ₹10 लाख, गंभीर घायलों को ₹5 लाख और सामान्य घायलों को ₹1 लाख की आर्थिक सहायता राशि देने की घोषणा की है। हादसे की जांच रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) स्तर पर की जाएगी।

जबकि जनता सोशल मीडिया पर लगातार सवाल कर रही है — “क्या आपदा प्रबंधन का मतलब यही है कि आपदा में भी मनोरंजन जारी रहे