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भारत से दोस्ती के लिए पाकिस्तान को धोखा देगा तुर्की? एर्दोगान के यू-टर्न की इनसाइड स्टोरी

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भारत ने पाकिस्तान के सबसे बड़े हमदर्द तुर्किए की घेराबंदी कुछ ऐसे अंदाज में की है कि अब वहां के बड़े-बड़े नेताओं के सुर बदल गए हैं. वे दोस्ती की मिन्नतें करने लगे हैं. जैसे ही भारत ने तुर्किए के कट्टर दुश्मनों, यानी ग्रीस और साइप्रस को अपनी अचूक ब्रह्मोस मिसाइलें देने का दांव चला, वैसे ही तुर्किए के विदेश मंत्री बोल पड़े कि ‘हम भी भारत के साथ हाथ मिलाना चाहते हैं’. ऐसी खबरें भी आ रही हैं कि तुर्किए अब मुस्लिम भाईचारे की कसमें भूलकर पाकिस्तान की पीठ में छुरा घोंप सकता है. सीएनएन-न्यूज18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगान अब पाकिस्तान को किनारे लगाने का पूरा मन बना चुके हैं.

एक वक्त था जब तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगान हर अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान के सुर में सुर मिलाते थे. संयुक्त राष्ट्र (UN) से लेकर मुस्लिम देशों के संगठन (OIC) तक, एर्दोगान ने हमेशा कश्मीर के मुद्दे पर भारत के खिलाफ जहर उगला और पाकिस्तान का खुलकर साथ दिया. तुर्की ने न सिर्फ कूटनीतिक तौर पर भारत को घेरने की कोशिश की, बल्कि पाकिस्तान की सेना को मजबूत करने के लिए अपने सबसे घातक और आधुनिक हथियार भी सौंपे. भारत के खिलाफ एर्दोगान के इन्हीं पुराने पापों ने दोनों देशों के रिश्तों में कड़वाहट घोल दी थी.

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