Home छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ के छह विश्वविद्यालयों में एक साथ शुरू हुआ ‘रक्षक’ पाठ्यक्रम ...

छत्तीसगढ़ के छह विश्वविद्यालयों में एक साथ शुरू हुआ ‘रक्षक’ पाठ्यक्रम  

0
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0004
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0001
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0002
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0003

रायपुर : छत्तीसगढ़ के छह विश्वविद्यालयों में एक साथ शुरू हुआ ‘रक्षक’ पाठ्यक्रम

 

 

 

 

 

बाल अधिकारों के संरक्षण और संवर्धन के लिए तैयार होंगे प्रशिक्षित मानव संसाधन

मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े और उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने विद्यार्थियों को दी शुभकामनाएं

रायपुर, 1 अक्टूबर 2026

 

बाल अधिकारों के संरक्षण, संवर्धन और जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की पहल पर प्रदेश के छह विश्वविद्यालयों में Post Graduate Diploma in Protection of Child Rights (RAKSHAK) पाठ्यक्रम की कक्षाएं एक साथ प्रारंभ हुईं। शुभारंभ के अवसर पर छहों विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और संबंधित पदाधिकारियों की ऑनलाइन बैठक आयोजित की गई। आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा भी इसमें शामिल हुईं।

 

उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने ऑनलाइन माध्यम से बैठक में सहभागिता की। उन्होंने पाठ्यक्रम के शुभारंभ पर विश्वविद्यालयों को बधाई देते हुए बाल अधिकारों के संरक्षण और संवर्धन की आवश्यकता पर अपने विचार रखे। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने भी सभी विश्वविद्यालयों, विद्यार्थियों और संबंधित संस्थानों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा, उनके सुरक्षित भविष्य और समाज में जागरूकता बढ़ाने के लिए यह पहल महत्वपूर्ण है।

बैठक में विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने बाल अधिकारों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए मिलकर कार्य करने तथा बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए सामूहिक प्रयास आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने बाल अधिकारों से जुड़े विषयों पर प्रश्न पूछे। आयोग की अध्यक्ष और सचिव ने उनके प्रश्नों के उत्तर देकर आवश्यक जानकारी साझा की।

‘रक्षक’ पाठ्यक्रम का उद्देश्य बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ इस क्षेत्र में प्रशिक्षित एवं संवेदनशील मानव संसाधन तैयार करना है। यह पहल बाल अधिकारों की समझ को व्यापक बनाने और बच्चों के संरक्षण के लिए संस्थागत स्तर पर प्रभावी कार्य को प्रोत्साहित करेगी।

‘रक्षक’ पाठ्यक्रम की कक्षाएं पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, कुशाभाऊ ठाकरे विश्वविद्यालय, संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय, एमिटी विश्वविद्यालय, आंजनेय विश्वविद्यालय और शंकराचार्य विश्वविद्यालय में प्रारंभ हुई हैं। छहों विश्वविद्यालयों की सहभागिता से यह पाठ्यक्रम बाल अधिकारों के संरक्षण एवं संवर्धन के साझा प्रयास को आगे बढ़ाएगा।