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MP : मीटर रीडिंग लेने आया बिजलीकर्मी दरवाजे पर ही प्रिंट कर देगा बिल

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इंदौर

राजस्व जुटाने से लेकर बिजली आपूर्ति और सौभाग्य योजना के अमल में प्रदेश में नंबर वन इंदौर की बिजली कंपनी अब बिलिंग में नया प्रयोग करने जा रही है। अगले महीने से पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी स्पॉट बिलिंग शुरू करने जा रही है। रीडिंग लेने पहुंचा बिजलीकर्मी दरवाजे पर ही उपभोक्ता को बिल भी प्रिंट कर देगा। प्रदेश में पहली बार कोई बिजली कंपनी यह सिस्टम लागू कर रही है। शुरुआत इंदौर शहर के चार जोन से होगी।

विद्युत वितरण कंपनी को स्पॉट बिलिंग के नए सिस्टम में अपना और उपभोक्ता दोनों का फायदा नजर आ रहा है। विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों केमुताबिक शहर के चार जोन से स्पॉट बिलिंग की शुरुआत की जा रही है। इनमें डेली कॉलेज जोन, गोयल नगर जोन, मैकेनिक नगर जोन और जीपीएच जोन शामिल हैं। स्पॉट बिलिंग के लिए बिजली कंपनी की आईटी शाखा ने अपना स्वयं का सॉफ्टवेयर तैयार किया है। सॉफ्टवेयर तैयार होने के बाद इसका परीक्षण सफल रहा है। उपभोक्ता के दरवाजे पर पहुंचने वाला विद्युतकर्मी अपने साथ हैंड हेल्ड डिवाइस और प्रिंटर लिए होगा। उपभोक्ता के मीटर की रीडिंग सिस्टम में फीड करते ही बिल जेनरेट हो जाएगा। मौके पर ही बिल की प्रिंट निकालकर उपभोक्ता को दे दी जाएगी। मौजूदा सिस्टम बिल प्रोसेसिंग में पहले रीडिंग लेने कर्मचारी जाता है। फिर रीडिंग सिस्टम में फीड होती है।

बाद में बिल प्रिंटिंग होकर बांटने के लिए भेजा जाता है। इस सारी प्रक्रिया में 9 दिन का समय लगता है। 9 दिन की यह प्रक्रिया स्पॉट बिलिंग में कुल मिनटों में ही पूरी हो जाएगी। इससे बिल की लागत और वितरण का खर्च भी कम होगा। मौके पर बिल बनने से उपभोक्ता की बिल में गड़बड़ी व गलत रीडिंग जैसी अन्य शिकायतें भी समाप्त हो जाएगी। इस सिस्टम के लिए बिजली कंपनी छोटे प्रिंटर और हैंड हेल्ड डिवाइस खरीदने जा रही है। शुरुआत करने के लिए चुने गए चारों जोन भी खास हैं। गोयल नगर जोन पॉश और एडवांस जोन माना जाता है। वहां नए सिस्टम का फीडबैक मिल सकेगा। तीन अन्य जोन ऐसे हैं जिनमें हर तबके के उपभोक्ता हैं। साथ ही बिल में गड़बड़ी की शिकायत भी ज्यादा आती हैं।

एक लाख लाभान्वित

सूचना प्रौद्योगिकी के प्रयोग से उपभोक्ता सुविधाएं बढ़ाने के लिए कंपनी काम कर रही है। चार जोन में एक लाख उपभोक्ता सीधे लाभान्वित होंगे। इससे उपभोक्ता की शिकायतें भी कम करने में मदद मिलेगी। कंपनी का समय भी बचेगा। – विकास नरवाल, एमडी, पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी

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