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Chhattisgarh में भाजपा की दूसरी सूची के लिए करना पड़ेगा इंतजार

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छत्तीसगढ़ में लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशियों की दूसरी सूची के लिए अभी इंतजार करना पड़ सकता है। पार्टी ने गुस्र्वार को राज्य की 11 में से पांच आरक्षित सीटों के लिए प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर दी है। अब छह सामान्य सीटों पर नामों का एलान होना बाकी है। उम्मीद की जा रही थी कि शनिवार को इन सीटों के लिए नाम तय हो जाएंगे, लेकिन दिल्ली में पार्टी के केंद्रीय सूचना समिति की बैठक में छत्तीसगढ़ को लेकर चर्चा ही नहीं हो पाई। संभावना जताई जा रही है कि भाजपा की दूसरी सूची 25 मार्च को जारी हो सकती है।

रमन सिंह के नाम पर फंसा पेच

पार्टी सूत्रों के अनुसार बाकी बची सभी छह सीटें सामान्य हैं। इनमें राजनांदगांव सीट भी शामिल है। इस सीट से अभी पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन के पुत्र अभिषेक सिंह सांसद हैं। चर्चा है कि इस सीट से इस बार डॉ. रमन को चुनाव लड़ाने की तैयारी है, लेकिन पार्टी ने टिकट वितरण का जो फार्मूला तय किया है, उसमें डॉ. रमन का टिकट पक्का नहीं हो पा रहा है। उल्लेखनीय है कि पार्टी ने छत्तीसगढ़ में इस बार किसी भी मौजूदा सांसद, विधायक या हारे हुए प्रत्याशी को टिकट नहीं देने का फैसला किया है।

प्रदेश के नेताओं का दिल्ली में डेरा केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में शामिल होने के लिए छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी व पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक समेत अन्य नेता शनिवार सुबह दिल्ली पहुंच चुके हैं। सूत्रों के अनुसार चुनाव समिति की बैठक तो हुई लेकिन इसमें मध्यप्रदेश और राजस्थान के साथ उन विधानसभा उपचुनावों के प्रत्याशियों को लेकर चर्चा हुई। इस वजह से छत्तीसगढ़ को लेकर चर्चा नहीं हो पाई।

मैं चुनाव लडूंगा या नहीं इसका फैसला पार्टी करेगी: रमन 

दिल्ली रवाना होने से पहले एयरपोर्ट पर पत्रकारों से चर्चा में डॉ. रमन ने कहा कि मैं चुनाव लड़ूंगा या नहीं इसका फैसला पार्टी करेगी।

टिकट कटने से नुकसान का आकलन 

पार्टी यह भी देखा रही है कि मौजूदा सांसद का टिकट कटने का सामाजिक असर कितना पड़ेगा और उससे वोट बैंक कितना और कैसे प्रभावित होगा। अभी तक पार्टी ने जिन पांच सीटों पर मौजूदा सांसदों का टिकट काटा है, उसके बाद संबंधित लोकसभा क्षेत्र में उसकी प्रतिक्रिया की भी रिपोर्ट तैयार की जा रही है।

जातिगत समीकरण के साथ जिताऊ प्रत्याशी की तलाश 

राज्य की बाकी बची सभी सीटों के लिए संभावित नामों पर एक दौर की चर्चा हो चुकी है। पार्टी सूत्रों के अनुसार पार्टी इन सीटों पर जातिगत समीकरण को साधते हुए जिताऊ प्रत्याशियों की तलाश कर रही है।

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