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जल संकट समाधान के लिए अलग मंत्रालय : मोदी

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि केंद्र में फिर से भारतीय जनता जनता पार्टी की सरकार बनने पर जल संकट के समाधान के लिए अलग से जल शक्ति मंत्रालय का गठन किया जाएगा। मोदी ने सोमवार को यहां भाजपा मुख्यालय में ‘संकल्प पत्र’ नाम से पार्टी के चुनाव घोषणापत्र जारी करते हुए कहा कि देश के कई राज्य जल संकट से जूझ रहे हैं। उन्होंने विशेषरूप से तमिलनाडु का जिक्र किया और कहा कि वहां पानी का बहुत बड़ा संकट है।

उन्होंने कहा कि राजस्थान जैसे राज्य पहले से ही जल संकट से जूझ रहे हैं और उन्होंने अपने लिए पानी की जरूरत के उपाय किए हैं लेकिन जो राज्य इस संकट की चपेट में आ रहे हैं उनके लिए ज्यादा दिक्कत है। उन्होंने कहा कि रेडियो पर प्रसारित अपने मासिक कार्यक्रम ‘मन की बात’ के माध्यम से उन्हें कई क्षेत्रों में बढ़ रहे जल संकट के बारे में जानकारी मिली है और उसी के आधार पर उन्होंने केंद्र में फिर से सरकार बनने पर इस समस्या के समाधान के लिए अलग मंत्रालय बनाने का फैसला लिया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि एक समय था जब जल के संकट से निपटने के लिए हैंडपम्प लगाया जाता था और उसी के आधार पर चुनाव भी जीत लिए जाते थे लेकिन आज स्थिति बदली है। उन्होंने कहा कि उनका सपना देश के हर घर में नल से जल पहुंचाना है और इसके लिए मिशन के तौर पर काम किया जाएगा।