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ट्रेनों की खिड़कियों में लगाए जाएंगे न टूटने वाले शीशे

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नई दिल्ली। रेलयात्रियों को अब पत्थरबाजों से खौफ खाने की जरूरत नहीं है। भारतीय रेलवे ने ट्रेन की खिड़कियों में लगे शीशों को बदलने का निर्णय लिया  है। ट्रेनों में अब पुराने शीशों की जगह नए विनायल कोट वाले शीशे लगाए जाएंगे। विनायल कोट वाला शीशा पत्थर लगने से टूटकर बिखरेगा नहीं। पत्थर लगने के बाद शीशा सिर्फ चटकेगा। रेलवे के एक अधिकारी ने बताया है कि विनायल कोट एक फिल्म की तरह है। जब शीशा टूटेगा नहीं तो पत्थर भी अंदर नहीं आएगा। विनायल कोट वाले शीशे के चलते यात्रियों को बाहर देखने में भी कोई परेशानी नहीं होगी। उन्होंने बताया कि अभी चेन्नई में इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में बनने वाले कोच में विनायल कोट वाले शीशे लगाए जा रहे हैं।

जल्द ही कपूरथला सहित दूसरी कोच फैक्ट्रियों में विनायल कोट वाले शीशे लगना शुरू हो जाएंगे। अधिकारी ने बताया कि सबसे पहले पूर्वाेत्तर रेलवे की खास ट्रेनों में विनायल कोट वाले शीशे लगाए जाएंगे, क्योंकि पूर्वोत्तर में पत्थरबाजी की घटनाएं ज्यादा देखने में आती हैं। इसके बाद दूसरी ट्रेनों के शीशे बदले जाएंगे। बता दें कि अकसर  कुछ शरारती तत्व चलती ट्रेन पर पत्थर मार देतेे हैं। इससे ट्रेन की खिड़कियों के शीशे तो टूटते ही हैं, यात्रियों को भी चोटें  लगती है। कई बार पत्थरबाजी यात्रियों के लिए जानलेवा भी हो जाती थी। ट्रेन चला रहे ड्राइवरों की जान भी जोखिम में रहती है। गौरतलब हो कि हाल ही में शुरू हुई नई ट्रेन वंदेभारत पर भी दो-तीन बार पत्थरबाजी की घटनाएं हो गई हैं।